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कलयुगी सावित्री
पति के इलाज व भूख से बिलखते बच्चों का पेट भरने के लिए एक महिला ने अपनी जवान बेटी को 6 हजार रुपये में गिरवी रख दिया। पैसे खत्म हुए तो तीन साल के बेटे को 50 रुपये में बेच दिया। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। नई आबादी की कांता देवी (40) के पति शंकर बहादुर (45) को दो माह पहले जब डॉक्टरों ने टीबी का मरीज बताया तो पड़ोसियों ने इस परिवार से किनारा करना शुरू कर दिया। मकान मालिक ने मकान खाली करा दिया। जिन घरों में कांता बर्तन मांजती थी, उन्होंने मदद करने से इनकार कर दिया। किसी तरह उसने पति को अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ दवाएँ तो अस्पताल से मिल गई, लेकिन शेष दवाएँ उसे बाहर से लेनी पड़ती थी। चार-पाँच दिन तो उसने दवाएँ जुटाई। बाद में पैसा खत्म हुआ तो वह टूटने लगी। इसी बीच पिता की बीमारी की खबर सुनकर बेटी उमा (18) आ गई। 20 दिन पहले कांता को नई आबादी की शारदा देवी से बतौर मदद छह हजार रुपये मिले। बकौल कांता जब वह पैसे नहीं लौटाने की सूरत में शारदा ने उमा को गिरवी रख लिया। पुलिस को दिए बयान में कांता ने कहा कि जब वह बेटी को लेने गई तो शारदा ने उसे छोड़ने के एवज में 10 हजार रुपये माँगे। बेटी को गिरवी रखने से मिली रकम पति के इलाज में खर्च हो चुकी थी। 5 दिन पहले गुड़गाँव से एक महिला कांता के घर पहुँची। उसने उसके बेटे रामबहादुर (3) को गोद लेने की बात कही। उस समय घर में खाने को कुछ नहीं था। महिला ने 50 रुपये दिए तो घर में आटा-ब्रेड आया। शंकर बहादुर शहर के एक प्रतिष्ठित समाजसेवी के घर मुलाजिम है। चार साल पहले उसे टीबी हुआ तो मालिक ने सामान्य अस्पताल में भर्ती करा दिया। एक माह बाद ड्यूटी पर लौटा तो उसे नौकरी से हटा दिया। शंकर का आरोप है कि चार माह में वेतन के नाम पर उसे मात्र 12 रुपये मिले। पुलिस शनिवार सुबह कांता से पूछताछ की। इसके बाद उसे लेकर शारदा के घर गई। पुलिस का कहना है कि उमा की गवाही अहम रहेगी। पुलिस अधीक्षक रामसिंह बिश्नोई ने कहा, `पुलिस को दिए बयान में उमा ने शारदा के घर ही रहने की इच्छा जताई है। इससे गिरवी रखने की बात साबित नहीं हो रही है। चूंकि लड़की बालिग है, इसलिए पुलिस बयान पर ही कार्रवाई करेगी। गुड़गांव की जिस महिला ने 50 रुपये में लड़का खरीदा है, उसकी तलाश की जा रही है।' उमा कहती है कि माँ के घर जाती हूँ तो भूखा रहना पड़ेगा। यहाँ भरपेट खाना तो मिल रहा है। वह शारदा देवी के यहाँ ठीक है। कहीं और नहीं जाना चाहती। वहीं, शारदा ने कहा कि उसने उमा को गिरवी नहीं रखा। कांता अपनी मर्जी से उसे छोड़ गई थी। कुछ दिन बाद उसने अपने बेटे नटवर की शादी उमा से कर दी। दोनों अच्छी तरह से रह रहे हैं। उधर, कांता का कहना है कि उमा की शादी नेपाल में हो चुकी है ऐसे में उसकी शादी कैसे हो सकती है। डीसी चंद्रप्रकाश ने कहा कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। शंकर का नि:शुल्क उपचार होगा। उसकी बेटी को गिरवी रखने और बेटे को बेचने की जाँच पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं। बुकमार्क किजिए
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