समर्थन में हरे, विरोध में लाल और अनुपस्थित रहने की स्थिति में पीले बटन दबाकर लोकसभा सदस्य मंगलवार को सरकार की किस्मत का फैसला करेंगे।

लोकसभा में सरकार द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को होने वाले मत विभाजन के लिए `एकीकृत माइक्रोफोन प्रबंधन प्रणाली' स्थापित की गयी है। साथ ही स्वचालित वोट रिकॉर्डिंग प्रणाली भी लोकसभा चेंबर में लगायी गयी है, जिसमें सदस्यों के वोट रिकॉर्ड होंगे।

यदि किसी सदस्य ने गलत मतदान किया है या अपने दिये मत को बदलना चाहता है, तो उसे दस सेकेंड के अंदर ऑडियो अलार्म बजने से पहले ऐसा करना होगा। वोटिंग का तरीका लोकसभा में प्रचलित परंपरा के अनुरूप ही होगा। सदस्य अपने लिए निर्धारित सीट से ही ऑटोमेटिक वोट रिकॉर्डिंग मशीन पर वोट कर सकेंगे। सदन में हर सदस्य की सीट पर ऑटो वोट रिकॉर्डिंग उपकरण लगे हुए हैं।

इस स्वचालित प्रणाली के कार्यान्वयन की चाबी सदन के महासचिव की मेज पर लगी है और अध्यक्ष के आदेश पर महासचिव इस वोटिंग प्रक्रिया को संचालित करेंगे। महासचिव द्वारा अपनी मेज पर लगे बटन को दबाने के बाद ही प्रत्येक सदस्य की सीट पर लगे ऑटो वोटिंग मशीन पर लगा अलार्म बज उठगा और उनके पुश बटन के बल्ब जल उठगे। मत डालने के लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी सीट पर लगी वोटिंग मशीन के वोट इनीशियेटिंग स्विच को दबाने के साथ ही `हाँ' (यस)' के लिए हरा, `ना (नो)' के लिए लाल तथा एब्स्टेन (तटस्थ) के लिए पीला बटन दबाना होगा। अपनी पसंद के बटन उन्हें दस सेकेंड तक दबाये रखने होंगे, जब तक ऑडियो अलार्म न बज उठ। सदन के डिस्प्ले बोर्ड पर दस सेकेंड की उल्टी गिनती नजर आएगी।