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एक ज़माना था, जब मॉडलिंग या तो मॉर्डनिटी की पहचान होती थी या हॉबी की। हालाँकि तब भी यह अच्छा-खासा धन अर्जित कर रही थी, लेकिन मॉडलिंग कॅरियर नहीं था। मगर पिछले डेढ़ दशक से जबसे देश की अर्थव्यवस्था तेज रप्तार से वृद्धि कर रही है, तब से मॉडलिंग अब महज लाइफ स्टाइल, हाई प्लाइज मॉर्डनिटी या महज शौक भर नहीं है।

यह अच्छा-खासा और तेजी से विकास करता स्मार्ट कॅरियर भी है। यह महज संयोग नहीं है कि देश में मॉडलिंग, तेजी से इंडस्ट्री का रूप ले रही है। आज 20,000 करोड़ रुपये की यह इंडस्ट्री 30 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है।

बड़ी तेजी से मॉडलों के लिए एंटरटेनमेंट इण्डस्ट्री के दरवाजे खुल रहे हैं। आज के कई नामी-गिरामी अभिनेता और अभिनेत्रियाँ फैशन की दुनिया से ही आए हैं। ये पहले मॉडल थे और अब देश के जाने-माने कलाकार हैं। ऐश्वर्या राय, सुष्मिता सेन, बिपाशा बासु, लारा दत्ता, लिजा रे, याना गुप्ता, दीपिका पादुकोण जैसी अभिनेत्रियाँ फैशन की दुनिया की ही देन हैं। अभिनेत्रियों की ही तरह आज के तमाम सुपरहिट अभिनेता भी मॉडलिंग की दुनिया से आए हैं, जैसे- जॉन अब्राहम, डीनो मोरिया और अर्जुन रामपाल आदि। सिर्फ बड़े पर्दे पर ही नहीं, आजकल बहुत बड़ी तादाद में छोटे पर्दे के लिए जो टी.वी. सीरियल बन रहे हैं, उनमें भी मॉडलों को तरजीह दी जा रही है।

सिर्फ विजुअल मीडिया में ही नहीं, प्रिंट मीडिया में भी मॉडलों के लिए एक से बढ़कर एक अवसर मौजूद हैं। एक जमाने में सिर्फ कुछ गिनी-चुनी पत्रिकाएँ हुआ करती थीं। आज इतने विøायों की पत्रिकाएँ हैं और तमाम पत्रिकाएँ सिर्फ मॉडलों पर ही आधारित हैं। इसलिए आज मॉडलिंग एक स्मार्ट कॅरिअर है और इसकी लंबी उमर भी है। यही कारण है कि सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे शहरों में भी मॉडलिंग की चाहत रखने वाले लड़के-लड़कियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। अगर आप भी ऐसी ख्वाहिश रखने वालों की सूची का हिस्सा हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखने के लिए हालाँकि किसी खास शैक्षणिक योग्यता की बाधा नहीं होती, फिर भी किसी संस्थान से मॉडलिंग के लिए गुर सीखने हेतु कम से कम 12वीं तक की शैक्षणिक योग्यता का होना जरूरी है। इसके अलावा हिन्दी और अंग्रेजी का ज्ञान होना भी बहुत जरूरी है।

हालाँकि मॉडलिंग में डायलॉग डिलीवरी नहीं की जाती है। इसके बावजूद आप में अभिनय का होना जरूरी है। अभिनय क्षमता होगी, तभी आप रैम्प पर कैटवॉक करते समय पहनी गई पोशाक को अभिव्यक्ति दे पाएँगे या किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन देते समय चेहरे के हाव-भाव से उसकी खूबी ग्राहकों तक पहुँचा पाएँगे। कहने का मतलब यह है कि अगर आप इस तरह के कॅरिअर की ख्वाहिश रखते हैं, तो आप में अभिनय और शैक्षिक योग्यता का न्यूनतम आधार तो होना ही चाहिए। लेकिन जिस योग्यता का भरपूर होना अनिवार्य है, वह योग्यता है- शारीरिक सौष्ठव और गुड लुकिंग। अगर आप मॉडलिंग के क्षेत्र में अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं, तो आपकी लंबाई खास मायने रखती हैं। मॉडलिंग के क्षेत्र में जाने के लिए पुरुøा मॉडल की आमतौर पर लंबाई 6 फिट के आसपास होती है। ज्यादातर मॉडल 6 फिट के या इससे कुछ ज्यादा ही लम्बे होते हैं। 6 फिट से कम के भी होने पर मॉडलिंग में स्कोप खत्म तो नहीं होता हैं, हाँ उसमें कठिनाई जरूर होती है।