असुरक्षित - भगवानदास जोपट
ईश्वर
खलक खुदा का
मुल्क बादशाह का
शहर कोतवाल का
भैंस लाठी वाले की
बस्ती है दादाओं की
मुहल्ला शरीफों का
ऐसे में बेचारा भगवान
एकदम असुरक्षित,
निरापदहीन स्थिति में
मारा-मारा फिर रहा है
कभी मन्दिर में
कभी मस्जिद में
कभी गुरुद्वारे में
तो कभी चर्च में।
आश्रय की तलाश में,
आश्रय की तलाश में।
- भगवानदास जोपट,
मारेडपल्ली, सिकंदराबाद