निदा फ़ाज़ली के दोहे
छोटा कर के देखिए, जीवन का विस्तार
आँखों भर आकाश है, बाँहों भर संसार वो सूफ़ी का क़ौल हो, या गीता का ज्ञान जितनी बीते आप पर, उतना ही सच मान सात समुन्दर पार से कोई करे व्यापार पहले भेजे सरहदें, फिर भेजे हथियार बच्चा बोला देखकर, मस्जिद आलीशान अल्ला तेरे एक को, इतना बड़ा मकान बुकमार्क किजिए
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