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पाक के लिए एफ- 16 को उन्नत करेगा अमेरिका
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By विनय वीर
प्रकाशित 07/25/2008
 
F-16 for Pakistan बुश प्रशासन की योजना है कि आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए पाकिस्तान को दी जाने वाली 23 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद का इस्तेमाल वह अपने देश के उम्रदराज हो रहे एफ-16 लड़ाकू विमानों को प्रोन्नत करने के लिए करे।

पाक के लिए एफ- 16 को उन्नत करेगा अमेरिका
F-16 for Pakistan

बुश प्रशासन की योजना है कि आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए पाकिस्तान को दी जाने वाली 23 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद का इस्तेमाल वह अपने देश के उम्रदराज हो रहे एफ-16 लड़ाकू विमानों को प्रोन्नत करने के लिए करे।

कांग्रेस को दी गयी दो पृष्ठ की अधिसूचना में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विमानों की इलेक्ट्रॉनिक और राडार प्रणाली को प्रोन्नत करने से पाकिस्तान के पुराने एफ-16 विमानों की युद्ध के समय में बचे रहने की संभावनाएँ बढ़ेंगी। ये विमान आतंकवाद के खिलाफ मुकाबला करने में ज्यादा सटीक हैं, क्योंकि इनका `दिन और रात के समय में सुरक्षित इस्तेमाल' किया जा सकता है।

`न्यूयार्क टाइम्स' के अनुसार हालाँकि पाकिस्तान एफ-16 विमानों का प्रस्तावित आधुनिकीकरण अफगानिस्तानी सीमा पर उग्रवादियों से लड़ने की बजाय प्रतिद्वंद्वी भारतीय सेना को देखते हुए ज्यादा करना चाहता है। इससे अमेरिकी सदन के कुछ सदस्य नाराज हैं और वे राह में रोड़े डाल सकते हैं।

अधिसूचना कहती है कि आधुनिक प्रणाली एफ-16 विमानें की सटीकता बढ़ाकर नागरिकों के मारे जाने के जोखिम को कम कर देगी। सदन के सदस्यों और उनके समर्थकों के हवाले से अखबार ने लिखा कि एफ -16 आतंकवाद विरोधी अभियान में मददगार नहीं हैं। उन्होंने अमेरिका प्रशासन के इस अनुरोध की ओर भी ध्यान नहीं दिया कि पाकिस्तान ने कबाइली क्षेत्रों में अल कायदा और तालिबान के लड़ाकों पर दबाव बढ़ाया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक इस योजना के समय ने भी सदस्यों को नाराज कर दिया है और कुछ को संदेह है कि यह करार पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की तरफदारी करने के रवैये को बढ़ाएगा, जो राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से अगले सप्ताह वॉशिंगटन में मुलाकात करेंगे।

एफ-16 के लिए वित्तीय मदद देने की चर्चा ऐसे समय में शुरू की गयी है, जब कांग्रेस बुश प्रशासन की पाकिस्तान के लिये अपनायी जा रही नीतियों को लेकर काफी निराश है। कांग्रेस की यह दलील है कि सुरक्षा सहयोग के मुद्दे पर पाकिस्तान को ज्यादा ही अहमियत दी जा रही है।