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सोमनाथ को संप्रग का एकजुट समर्थन
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निष्कासित कर दिये जाने के बाद संप्रग उनके समर्थन में एकजुट होकर खड़ा है। इसी आलोक में आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चटर्जी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बारे में समझा जाता है कि प्रधानमंत्री ने उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया है कि ग"बंधन का पूरा समर्थन उनके साथ है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज सुबह चटर्जी के आवास पर गए और दोनों नेताओं के बीच लगभग दस मिनट तक मुलाकात चली। चटर्जी के आवास के बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों से प्रधानमंत्री ने कोई बातचीत नहीं की। समझा जाता है कि लोकसभा अध्यक्ष ने जिस तरीके से सदन का संचालन किया प्रधानमंत्री ने उनकी प्रशंसा की है। मनमोहन के कैबिनेट के एक वरिष्" मंत्री राम विलास पासवान ने चटर्जी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि अध्यक्ष को पूरे सदन का समर्थन प्राप्त है। पासवान ने कहा `माकपा से चटर्जी को निष्कासित किए जाने के कारण उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्हें लगातार हमारा समर्थन मिलता रहेगा।' माकपा के केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद चटर्जी ने पार्टी के कहने के बावजूद लोकसभा अध्यक्ष पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बुधवार को माकपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। माकपा पोलित ब्यूरो ने आम सहमति से चटर्जी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था। चटर्जी ने लगभग चार दशकों तक पार्टी की सेवा की। पेशे से बैरिस्टर चटर्जी (79) दस बार सांसद रहे हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश को मानने से चटर्जी ने यह कह कर इनकार कर दिया था कि जिस पद पर वह बै"s हैं वह दलगत राजनीति से ऊपर है। चटर्जी को सर्वसम्मति से वर्ष 2004 में लोकसभा अध्यक्ष पद पर चुना गया था। माकपा से उनके निष्कासन की खबर सुन कर संप्रग के कई नेताओं ने उनसे जा कर मुलाकात की और अपना तथा संप्रग का "ाsस समर्थन उनके साथ होने का उन्हें आश्वासन दिया। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख तथा रेल मंत्री लालू प्रसाद ने चटर्जी से मुलाकात के बाद कहा `माकपा के लिए अब केवल ज्योति बाबू को पार्टी से बर्खास्त करना बाकी रह गया है। उन्होंने अपना दिमाग खो दिया है। चटर्जी ने उन लोगों को पार्टी सिद्धांत की शिक्षा दी है। वाम ने उन्हें अनावश्यक रूप से पार्टी से बाहर कर दिया है।' बुकमार्क किजिए
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