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सोमनाथ 80 वर्ष के हुए
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी आज 80 वर्ष के हो गए। मनमोहन सिंह सरकार से समर्थन वापसी के मुद्दे और लोकसभा अध्यक्ष पद को लेकर हुए विवाद के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने दो दिन पहले उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज सुबह सोमनाथ के 20 अकबर रोड स्थित निवास पर एक अधिकारी भेजा और उसके जरिए जन्मदिन पर अपनी शुभकामनाएँ उन्हें भेजीं। अधिकारी ने सोमनाथ को प्रधानमंत्री की ओर से एक गुलदस्ता भेंट किया। संसदीय कार्य-मंत्री व्यालार रवि ने भी सोमनाथ को जन्मदिन के अवसर पर अपनी शुभकामना दी। हिन्दू महासभा के नेता रहे एन. सी. चटर्जी के पुत्र सोमनाथ हाल में उस समय विवादों में घिर गए, जब संप्रग सरकार से वामपंथी दलों द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के बाद माकपा ने उन्हें लोकसभा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने को कहा, लेकिन उन्होंने पार्टी का निर्देश नहीं माना जिसके लिए उन्हें पार्टी का कोपभाजन बनना पड़ा। कोलकाता और इंग्लैंड में शिक्षा प्राप्त करने वाले सोमनाथ ने कैम्ब्रिज से स्नातकोत्तर डिग्री और मिडल टेंपल से बार एट ला की उपाधि प्राप्त की। 1968 में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने। तीन साल बाद वह पहली बार अपने गृह नगर बोलपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सिर्फ 1984 को छोड़कर कभी पराजित नहीं हुए। 1984 में माकपा का गढ़ समझे जाने वाले जादवपुर निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के टिकट पर ममता बनर्जी ने उन्हें पराजित किया था। चटर्जी पार्टी के एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने 1996 में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के लिए वयोवृद्ध माकपा नेता ज्योति बसु का समर्थन किया था। यह एक ऐसी पहल थी, जिसका पार्टी के ज्यादातर नेताओं ने घोर विरोध करते हुए इसे `ऐतिहासिक भूल' करार दिया था। बुकमार्क किजिए
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