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चारा घोटाला मामले में सजल चक्रवर्ती को सजा
बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने परिवहन सचिव और आईएएस अधिकारी सजल चक्रवर्ती को साढ़े चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 3.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। चारा घोटाला मामले में सजल चक्रवर्ती पहले आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें सजा सुनाई गई है। अदालत ने आईएएस अधिकारी और परिवहन सचिव सजल चक्रवर्ती के जरिये 38 करोड़ 90 लाख रुपये की अवैध निकासी का संज्ञान लेते हुए मामले में उन्हें दोषी करार दिया है। अदालत ने साफ तौर पर कहा कि उस दौरान कोषागार से करोड़ों रुपये की जो अवैध निकासी हुई उसके लिए सजल चक्रवर्ती जिम्मेदार हैं। हालांकि, सजल चक्रवर्ती का कहना है कि वो निर्दोष हैं और फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।पिछले दिनों सीबीआई अदालत ने आज 13 अन्य दोषियों को भी सजा सुनाई थी। अदालत ने दोषियों को तीन से सात साल के कारावास की सजा दी थी। इसके अलावा इन पर दो लाख से लेकर 1.25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया था।उल्लेखनीय है कि अदालत ने परिवहन सचिव सजल चक्रवर्ती सहित 64 लोगों का चारा घोटाला मामले में दोषी ठहराया है। लगभग 350 करोड़ रुपये के इस घोटाले का पर्दाफाश उस समय हुआ जब बिहार पुलिस ने 1994 में राज्य के गुमला, रांची, पटना, डोरंडा और लोहरदगा जैसे कई कोषागारों से फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की कथित अवैध निकासी के मामले दर्ज किए। इस घोटाले में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित कई आला अधिकारियों के नाम शामिल थे। बुकमार्क किजिए
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