BJP 50 MP's

भाजपा ने आज अपने तीन सांसदों द्वारा `नोट के बदले वोट' देने संबंधी शिकायत लोकसभा सचिवालय में दर्ज करायी और यह भी उजागर किया कि पार्टी के 50 सांसदों को ऐसी पेशकश की गयी थी।

लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद इन तीनों सांसदों अशोक अर्गल, महावीर भगोरा और फगन सिंह कुलस्ते ने बताया कि उन्होंने कथित रिश्वत देने के मामले में अपनी शिकायत में सपा महासचिव अमर सिंह का नाम लिया है।

लोकसभा महासचिव पीडीटी अचारी के सम्मुख इस संदर्भ में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद भाजपा संसदीय दल के प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने बताया, `हमारे 50 सांसदों से संपर्क करके उन्हें सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए रिश्वत की पेशकश की गयी थी।' उन्होंने कहा, `पार्टी इस बात की सराहना करती है कि अधिकांश सदस्यें ने न सिर्फ इस पेशकश को ठुकरा दिया, बल्कि तीन ने इसका पर्दाफाश करने की हिम्मत जुटायी है।' हालाँकि मल्होत्रा ने साथ ही कहा, ` पार्टी इस बात पर शर्मिन्दा है कि उसके आ" सांसदों ने सरकार के विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।' उन्होंने बताया कि इन तीनों सांसदों को कथित रिश्वत देते समय स्टिंग ऑपरेशन के दौरान, जो सीडी बनायी गयी थी, उसकी एक कापी की भाजपा ने भी माँग की है।

मल्होत्रा ने बताया, `हमने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय से आग्रह किया है कि इस स्टिंग ऑपरेशन की सीडी की एक प्रति उपलब्ध करायी जाए, ताकि लोगों के सामने सच्चाई उजागर की जा सके।' हालाँकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इस स्टिंग ऑपरेशन में पार्टी का कोई हाथ था।

उल्लेखनीय है कि भाजपा के इन सांसदों ने 22 जुलाई को लोकसभा में नोटों की गड्डियाँ दिखाते हुए आरोप लगाया था कि सपा नेता ने उन्हें सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये रिश्वत देने को कहा है और पेशगी के तौर पर एक-एक करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

लोकसभा सचिवालय ने तीनों सांसदों से कल कहा गया था कि वे इस घटनाक्रम के बारे में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएँ, ताकि मामले में आगे कार्रवाई हो सके। तीनों सांसदों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाते समय मल्होत्रा और पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद भी उनके साथ थे।

अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा में नोट लहराये जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए सदन को आश्वासन दिया था कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।