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सपा ने भी छह सांसदों को बाहर किया
समाजवादी पार्टी ने व्हिप का उल्लंघन कर सरकार के खिलाफ `क्रॉस वोटिंग' करने वाले अपने छह सांसदों को आज निष्कासित कर दिया। अब अपनी पार्टी की लाइन को न मानने वाले 28 सांसदों में सिर्फ चार ऐसे रह गये हैं, जिनके खिलाफ उनकी पार्टियों ने कार्रवाई नहीं की है। मंगलवार से सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए विपक्षी दलों की ओर से 17 सांसदों को दल से बाहर का दरवाजा दिखाया गया। अब कार्रवाई का सामना करने की उन सांसदों की बारी थी, जो संप्रग ग"बंधन के साथ थे। सपा की आज की कार्रवाई के बाद विभिन्न दलों के ऐसे 28 सांसदों में से 23 के खिलाफ पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए कार्रवाई की जा चुकी है। सपा महासचिव अमर सिंह ने संवाददाताओं से कहा, `हमने पार्टी के निर्देश की अवहेलना करने के लिए छह सांसदों को निष्कासित किया है। हम कल लोकसभा अध्यक्ष को अपने निर्णय से अवगत कराएँगे।' सपा से जिन सांसदों को निष्कासित किया गया है, उनमें जय प्रकाश मोहन लाल गंज, एस. पी. सिंह बघेल, जलेसर राज नारायण बुधौलिया, हमीरपुर अफजल अंसारी, गाजीपुर अतीक अहमद, फूलपुर और मुनव्वर हुसैन मुजफ्फरनगर शामिल हैं। पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले बाकी पाँच सांसदों में टीआरएस के नरेन्द्र को विश्वास-मत से पहले ही पार्टी से पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित किय जा चुका था, लेकिन उनकी पार्टी ने आज लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उन्हें अयोग्य "हराने के लिए याचिका दाखिल की। जिन चार सांसदों के खिलाफ अब भी कार्रवाई की जानी बाकी है, उनमें एनपीएफ के.डब्ल्यू. वांगयुह कोन्यक और एनएलपी के. बालेश्वर यादव शामिल हैं। इन लोगों ने भी नरेन्द्र की तरह सरकार को मतदान किया था। दो अन्य तेदेपा के डी. के. आदि के. सवलु और कांग्रेस के कुलदीप विश्नोई हैं। आदि के सवलु ने पार्टी का निर्देश न मानते हुए सरकार को मत दिया, जबकि विश्नोई पहले से ही अपनी पार्टी से असंतुष्ट चल रहे थे। एमडीएम के ने अपने दो सांसदों एल. गणेशन और जिंजी एन. रामचंद्रन को पार्टी से निकालने के बाद उन्हें अयोग्य "हराये जाने के लिए आज लोकसभा सचिवालय के समक्ष एक याचिका दाखिल की। बुकमार्क किजिए
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