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आडवाणी के खिलाफ मानहानि का मामला
समाजवादी पार्टी के लखनऊ के एक पूर्व सभासद ने गत 22 जुलाई को संसद में एक करोड़ रुपये दिखाए जाने के मामले में नेता प्रतिपक्ष लोकसभा लाल कृष्ण आडवाणी एवं तीन भाजपा सांसदों के विरुद्ध आज मानहानि का परिवाद लखनऊ की विशेष अदालत में दायर किया है। परिवादी ने आडवाणी समेत तीनों सांसदों को तलब कर दण्डित किये जाने का अनुरोध अदालत से किया है। स्थानीय अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद किशोरी लाल यादव द्वारा दायर इस आपराधिक परिवाद पर विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सी.बी.आई. (अयोध्या प्रकरण), आर.पी.त्रिपाठी की अदालत ने परिवाद को दर्ज करने के आदेश दिए है। न्यायालय ने परिवाद पर परिवादी के बयान दर्ज करने के लिए आठ अगस्त की तारीख तय की है। यह जानकारी परिवादी के अधिवक्ता टी.एम. ताविश ने `भाषा' को दी। परिवादी का आरोप है कि आडवाणी समेत भाजपा सांसदों अशोक अर्गल, महाबीर सिंह भगौरा एवं अज्जन सिंह कुलस्ते ने परिवादी की पार्टी (सपा) को बदनाम करने की नीयत से गत 22 जुलाई को संसद भवन में एक करोड़ रुपये दिखाए। परिवादी का यह भी आरोप है कि आडवाणी समेत तीन सांसदों ने गत 22 जुलाई को संसद भवन के बाहर तमाम इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिन्ट मीडिया के सामने बयान देकर समाजवादी पार्टी तथा सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की मानहानि करने बदनाम व जनता की नजर में गिराने की नीयत से कथित मिथ्यापूर्ण बयान दिया, जो मिथ्यापूर्ण बदनीयती से राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से दिया गया, जिससे सपा व उसके कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा धूमिल हुई। बुकमार्क किजिए
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