केंद्रीय जाँच ब्यूरो की विशेष अदालत ने आज डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 23 अगस्त को मौजूद रहने का निर्देश दिया ताकि 1999 में एक महिला  शिष्य के साथ बलात्कार से जुड़े मामले में उनके खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किया जा सके।

विशेष न्यायाधीश ए.के. वर्मा ने सिंह के खिलाफ आरोप   तय करने के लिए सीबीआई की ओर से दाखिल आवेदन स्वीकार कर लिया। जाँच अधिकारी सतीश डागर ने अदालत से बाहर कहा कि आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 506 (धमकाना) और 509 (महिला के अपमान  के लिए शब्दोच्चार या इशारा करना) के तहत आरोप तय किये जायेंगे।  

सिंह लगातार दूसरी बार बीमारी के आधार पर अदालत में आज मौजूद नहीं थे जहाँ मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी थी। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, किसी अभियुक्त के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश उसकी मौजूदगी में ही दिया जा सकता है। पंथ की  महिला सदस्य के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में डेरा प्रमुख एकमात्र  आरोपी हैं।

वह दो अन्य मामलों में सिरसा के पत्रकार राम चंदर छत्रपति और डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आरोपी  हैं। डेरा के पूर्व प्रबंधक की 2002 में हत्या के मामले में पाँच अन्य अवतार सिंह, इंदरसेन,  जसबीर सिंह, सबदिल और कृष्ण लाल अभियुक्त हैं। निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह के साथ सिंह पर उसके बाद वाले साल छत्रपति की हत्या का आरोप लगा। इंदरसेन के जमानत आवेदन पर भी आज अदालत में दलील हुई। अदालत इस आवेदन पर पाँच अगस्त को आदेश सुनायेगी। रंजीत सिंह हत्या मामले में आरोप तय करने के बारे में दलील 23 अगस्त को शुरू होगी।