नोटतंत्र की जाँच के लिए समिति
संप्रग सरकार के विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान के लिए धन दिये जाने के भाजपा के तीन सांसदों के आरोपों की जाँच के लिए लोकसभा के सात सदस्यों की एक समिति का गठन किया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. किशोर चन्द्र देव की अध्यक्षता वाली समिति का गठन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कल भाजपा के तीन सांसदों अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोड़ा की ओर से आरोपों की जाँच के लिए याचिका मिलने के बाद किया है।
अपनी याचिका में तीनों भाजपा सांसदों ने 22 जुलाई को विश्वास मत के पक्ष में उनका समर्थन हासिल करने के लिए रिश्वत दिये जाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए मामले की जाँच की माँग की थी।
समझा जाता है कि तीनों सांसदों ने सपा महासचिव अमर सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का नाम लिया है। हालाँकि दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया है।
समिति के अन्य सदस्यों में भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा, माकपा के मोहम्मद सलीम, सपा के राम गोपाल यादव, राजद के देवेन्द्र प्रसाद यादव, बसपा के राजेश वर्मा और द्रमुक के.सी. कुप्पुस्वामी शामिल हैं।
लोकसभा महासचिव पीडीटी अचारी ने कहा कि समिति से 11 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। 11 अगस्त से ही संसद का मानसून सत्र शुरू होने की संभावना है।
भाजपा के तीनों सांसदों ने 22 जुलाई को लोकसभा में उस समय सनसनी फैला दी थी जब उन्होंने बैगों से नोटों की गड्डियां निकालकर लहराने के साथ दावा किया कि उन्हें समर्थन के एवज में पेशगी के तौर पर एक एक करोड़ रुपये दिये गये हैं।