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आतंकवाद पर रवैया बदले केंद्र : आडवाणी
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By विनय वीर
प्रकाशित 07/28/2008
 
BJP Head Lal Krishna Advani Addressing Media भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रविवार को कहा कि आतंकवाद पर केंद्र को अपना रवैया बदलना चाहिए। उन्होंने एक बार फिर देश में पोटा कानून लागू करने पर जोर दिया।

आतंकवाद पर रवैया बदले केंद्र : आडवाणी
BJP Head Lal Krishna Advani Addressing Media

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रविवार को कहा कि आतंकवाद पर केंद्र को अपना रवैया बदलना चाहिए। उन्होंने एक बार फिर देश में पोटा कानून लागू करने पर जोर दिया। राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ धमाकों के घायलों से मिलने सिविल अस्पताल पहुंचे आडवाणी ने केंद्र सरकार से गुजरात के विधेयक को जल्द ही पारित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए बने इस कानून को राज्य सरकार ने चार साल पहले ही केंद्र को भेज दिया था। उल्लेखनीय है कि गुजरात में कल शाम हुए सिलसिलेवार 17 धमाकों में 45 लोगों की मौत हो गई थी। अकेले सिविल अस्पताल में हुए धमाकों में 16 लोगों की मौत हो गई थी, इनमें से कई लोग जिंदा ही जल गए थे।

सार्वजनिक हों रिश्वतकांड के टेप

`वोट के बदले नोट' मामले की जाँच में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की ज़रूरत बताते हुए विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने माँग की है कि जनता के सूचना के अधिकार को सर्वोपरि रखते हुए मामले के टेप तत्काल सार्वजनिक किये जाएँ।

प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार आडवाणी ने आज लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को लिखे पत्र में कहा, `भ्रष्टाचार उजागर करने वाले तीन सांसदों द्वारा लोकसभा में नोटों की गड्डियाँ दिखाने की घटना को देशभर में करोड़ों लोगों ने देखा। इसलिए यह ज़रूरी है कि एक चैनल द्वारा इस मामले में किये गये स्टिंग ऑपरेशन को लोग देखें और हकीकत जानें। किसी भी तरीके से जनता के सूचना के अधिकार का हनन नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए हम आपसे आग्रह करते हैं कि बिना किसी विलंब के इस टेप को सार्वजनिक किया जाए।'

आडवाणी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक टीवी चैनल जाँच की सामग्री (स्टिंग ऑपरेशन) को निजी संपत्ति समझ रहा है और वह इसे दिखाने से मनमाने तरीके से मना कर रहा है।

गौरतलब है कि 22 जुलाई को लोकसभा में भाजपा के तीन सांसदों - अशोक अर्गल, महावीर सिंह भगोरा और फग्गन सिंह कुलस्ते ने सदन में नोटों की गड्डियाँ दिखाते हुए आरोप लगाया था कि उन्हें संप्रग सरकार के विश्वास मत के दौरान तटस्थ रहने के लिए रिश्वत की पेशकश की गयी है। इस घटना को `गंभीर भ्रष्टाचार कांड' करार देते हुए आडवाणी ने लोकसभा अध्यक्ष से इसकी जाँच में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की माँग भी की है। लोकसभा अध्यक्ष ने इस मामले की जाँच के लिए समिति ग"ित करने की घोषणा की है।