अर्थव्यवस्था निशाने पर
जयपुर, बेंगलूर और अहमदाबद में हुए विस्फोट और आतंकी ई-मेल में दी गई धमकी का विश्लेषण करें तो जो तस्वीर उभरकर सामने आती है वह चौकानें वाली है। जी हाँ आतंकियों का निशाना इस बार भारत की अर्थव्यवस्था और उसको मजबूती देने वाले उद्योगपति और विकासमान शहर और वे लोग हैं जो आतंकियो को सीधे चुनौती दे रहें हैं। आतंकवादियों के निशाने पर कश्मीर में तैनात सेना के जवान और राजनीतिक मोर्चे पर आतंक के खिलाफ मुहिम में लगे लोग भी है। इस बीच, मुम्बई को आतंकवादियों का अगला निशाना बनाए जाने वाला ई-मेल मिलने के बाद महानगर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मीडिया को भेजे गए इस ई-मेल और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया है। ई-मेल में बेंगलूर और अहमदाबाद के बाद मुम्बई को आतंकवादियों का अगला निशाना बताया गया है। सूत्रों के अनुसार आतंकवादी संगठन मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज, सिद्धविनायक मंदिर, मंत्रालय, बृहन्मुम्बई नगर निगम और ऊंची इमारतों को अपना निशाना बना सकते हैं। जयपुर के पर्यटन को प्रभावित करने के लिए आतंकियों ने हमला किया। उसके बाद निशाना बनाया आई सिटी के नाम से मशहूर बेंगलूर को और ठीक 24 घंटे के अंदर ही अगला निशाना गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही आतंकियों ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को भी टारगेट कर रखा है। साफ साफ संकेत है कि आतंकी भारत की अर्थव्यवस्था और उसके विकास को पसंद नहीं कर रहे हैं। मुंबई, इंदौर, सूरत, भोपाल, हैदराबाद, नई दिल्ली और आगरा को बना सकते हैं अगला निशाना । नरेंद्र मोदी , मुकेश अंबानी और बॉलीवुड कलाकार भी निशाने पर आंतकियों के द्वारा भेजे गए ई-मेल के आधार पर इस बात की आंशका व्यक्त की जा रही है कि इस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकियों की हिटलिस्ट में हैं। मुकेश अंबानी का गुजरात से जुड़ाव और उद्योगजगत में शीर्ष स्थान पर होने के कारण उन्हें और उनके उद्योग धंधे पर हमला करना चाहते हैं आतंकी। इसके साथ ही बॉलीवुड के मुस्लिम कलाकरों को फिल्मों से दूर रहने की धमकी देकर बॉलीवुड के व्यापार और उससे होने वाला आयकर फायदा वे कम करना चाहते हैं। इसलिए मुस्लिम कलाकारों को भी चेताया हैं । भाजपा शाषित राज्यों में खतरा ज्यादाआतंकवादी भाजपा की हिन्दू समर्थक छवि को पसंद नहीं करते और शायद यहीं कारण है कि पहले जयपुर, फिर बैंगलोर और उसके बाद अहमदाबाद को निशाना बनाया गया। अहमदाबाद विस्फोट को जिस तरह उन्होंने इसे बदले की कार्रवाही बताया है उससे भी यह बात साबित होती है। एनआरआई भारतीय भी सुरक्षित नहींआतंकवादी और उनको फंड उपलब्ध कराने वाले लोग ऐसा लगता है भारत के खिलाफ एक अघोषित युद्ध घोषित कर रखा है यहीं कारण है कि कभी मुंबई, कभी जयपुर तो कभी विदेशों में रह रहे हमारे एनआरआई भारतीय इसकी कीमत चुकाते हैं। अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के सामने हुआ बम विस्फोट इसका सबसे बड़ा सबूत है। भारतीय सुरक्षा सलाकार ने भी यह माना इस हमले में हमारे एक पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी ने भी आतंकियों की मदद की हैं । बुकमार्क किजिए
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