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क्या मोटाबा आड़े आता है यौन आनंद के!
मोटे, या फिर कहें अत्यधिक मोटापे के शिकार पुरुषों एवं महिलाओं को समाज में शारीरिक, भावनात्मक एवं मानसिक परेशानियों से तो गुजरना पड़ता ही है, साथ ही इससे उनका सेक्स जीवन भी प्रभावित होता है।
क्रोनिक फटीग सिंड्रोम - गायब नींद का नतीजा
आप रात में औसतन आठ घंटे की नींद लेते हैं, लेकिन फिर भी सुबह उठने पर थकन महसूस करते हैं जैसे किसी ने सारी ऊर्जा खींच ली हो। आपको लगता है कि अनियमित समय पर कामकाज करने से ऐसा हो रहा है।
विटामिन्स लेने से पहले सोचें
विटामिन्स की छोटी खुराक लें, क्योंकि उनका काम शरीर की रासायनिक प्रक्रियाओं को रेग्युलेट करने में मदद करने का होता है। विटामिन सप्लीमेंट्स फूड का विकल्प नहीं हैं। इनसे खानपान की खराब आदतें पड़ती हैं।
बिना डॉक्टर की राय न लें विटामिन
26 वर्षीय आकाश चोपड़ा के चेहरे पर अचानक बहुत सारे मुहांसे निकल आये। डॉक्टर के पास जाने की बजाय, जैसा कि आमतौर पर अपने देश में होता है, आकाश ने स्वत ही अपना इलाज करना शुरू कर दिया। वे विटामिन-ई की गोलियाँ लेने लगे।
जीवन-यात्रा के सार्थक बनाएँ
जीवन एक यात्रा है और प्रत्येक मनुष्य यहाँ यात्री है। जन्म से लेकर मृत्यु तक हर मानव इस जीवन-यात्रा पर यात्रायित रहता है। यह जीवन-यात्रा और उसके यात्री तभी सफल होते हैं, जब जीने का सही अर्थ जान लें। तेजी से बढ़ते मधुमेह व हृदय-धमनी रोग
देश में मधुमेह और हृदय धमनी रोग (एन्जाइना, हार्ट-अटैक) दोनों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कुछ समय पूर्व धारणा थी कि ये दोनों रोग उच्च वर्ग एवं प्रौढ़ावस्था के हैं। किन्तु भारतीयों के जीवन में बदलाव, गलत खान-पान . .
सौंदर्य का द्योतक प्यारी-सी मुस्कान
आधुनिक समाज में प्यारी-सी मुस्कान सुंदरता का प्रतीक तो मानी ही जाती है, साथ ही हज़ारों काम भी संवारती है। इतना ही नहीं आकर्षक व्यक्तित्व में भी मुस्कान का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। सुंदर एवं स्वस्थ दांत और मसूड़े बनाते हैं
हम भी हैं फिटनेस में फिसड्डी
फिटनेस के स्तर पर भारत भी एक ध्यान आकर्षित करने वाला उदाहरण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और एसी नीलसन कंपनी द्वारा मिलकर कराये गये दो साल पहले के एक सर्वेक्षण के मुताबिक भारतीय महानगरों में 28 फीसदी लोग ऐसे हैं
अनफिट शरीर यानी असमय मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इकट्ठा किए गये तथ्यों के मुताबिक दुनिया में हर साल 19 लाख लोग शारीरिक निक्रियता के कारण असमय मौत का शिकार हो जाते हैं। कहने का मतलब यह कि 19 लाख लोगों की मौत का कारण
पूरी दुनिया में बढ़ रहा है फिटनेस का फीवर
सौ साल पहले हम फिटनेस को लेकर इस कदर चिंतित नहीं हुआ करते थे, जैसे कि आज हैं। उस समय दुनिया की आबादी का शारीरिक आकार अपने दायरे में था। हालांकि लोग उस समय फिट और स्वस्थ रहने के लिए . .
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