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ताकि सलामत रहें आँखें
अलका आर्य, 28, पिछले तीन साल से दवाएँ खा रही हैं। उनका काम भी कुछ ऐसा है कि दिन में 6-7 घंटे कंप्यूटर क्रीन के सामने बैठना पड़ता है। इससे उनकी आँखों की रोशनी प्रभावित हो गयी है। सवाल यह है कि इसे दुरुस्त करने के लिए वह अपने आहार में क्या परिवर्तन करें और कौन-सी साधारण एक्ससाइज़ करें?
मोटे अनाज के मोटे फायदे
हमें अक्सर यह भ्रम रहता है कि मोटे अनाज हमारी खुराक का एक बड़ा हिस्सा होते हैं। इसीलिए अकसर हम मोटे अनाजों के खानों को लेकर चिंतित नहीं रहते। लेकिन क्या कभी हम सोचते हैं कि हम मोटे अनाज के रूप में ये जो . .
आज वैज्ञानिक, औषधियों के निर्माण के लिये लगातार आविष्कार कर रहे हैं। वैज्ञानिकों को यह बात भलीभांति ज्ञात है कि प्रकृति ने मानव और जीव-जन्तुओं की प्राण-रक्षा के लिये संसार में विभिन्न जड़ी-बूटियों की उत्पत्ति भी की है।
खतरनाक है मोबाइल
मोबाइल फोन से होने वाले विकिरण के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को चेतावनी देते हुए सरकार ने मोबाइल सेवा प्रदाताओं तथा मोबाइल फोन निर्माताओं से ऐसे प्रचार विज्ञापनों से बचने को कहा है जिनमें बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं . .
चार बूंद जिंदगी के
सिर्फ चार बूंद खून और महज 640 रुपये शुल्क देकर आप लखनऊ आकर 50 साल तक के लिए अपना डी.एन.ए. सुरक्षित करवा सकते हैं। साथ ही प्राप्त कर सकते हैं डी.एन.ए. स्मार्ट कार्ड जिसमें दर्ज होगी, आपकी पूरी पहचान और . .
सेक्स की दवाओं से पटा है बाज़ार
सेक्स बिकाऊ है। इससे जुड़ी हर दुकान हमेशा चलती है, चाहे वह सेक्स क्लिनिक हो या सेक्स ताकत बढ़ाने वाली दवाओं के कारोबारी लुकमानी दवाखाने। शहरों में अखबार, स्थानीय पत्र-पत्रिकाओं व रेल्वे लाइन के किनारे दीवारों आदि पर नामर्दी व गुप्त रोगों के इलाज का प्रचार होता है।
महामारी बनता हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी जिस्मानी स्थिति है जिसे आमतौर से नजरंदाज कर दिया जाता है। बदकिस्मती यह है कि दुनिया भर में जितने लोग इससे मर रहे हैं, उतने किसी और बीमारी से नहीं। इससे भी ज्यादा खराब खबर यह है . .
साढ़े तीन वर्ष की निधि की दाहिनी आँख उभर कर बाहर को आ गई, तीन वर्षीय उधो साधू चलते हुए चीजों से टकरा जाता था तथा दो वर्षीय विघ्नेश की दाई आँख में सफेद चमक सी दिखाई पड़ती थी। ये सभी बच्चे आँख के कैंसर `रेटीनोब्लास्टोमा' से पीड़ित थे।
फिटनेस में बाधा नहीं है उम्र
बुढ़ापा आने पर क्या होता है? हम सुस्त व कमजोर हो जाते हैं और अपने संतुलन का बोध खो बैठते हैं। क्या इस स्थिति को रोका जा सकता है? शोधकर्ताओं का कहना है कि अब बुजुर्ग भी अपनी मांसपेशियों को बरकरार रख सकते हैं
बीमारियाँ भी दूर करते हैं फल
निरोगिता का मूल है फल। फलों में सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम जैसे तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता करते हैं । रक्त-चाप के रोगियों को निरंतर फलों का सेवन करना चाहिए ।
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