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आजकल एम्प्लायर सब कुछ जानते हैं
शालिनी गुप्ता ने प्रोग्रामर के एक नये जॉब के लिए प्रमुख कंप्यूटर सिस्टम्स कंपनी में अर्जी दी। उनकी सीवी एकदम परफेक्ट थी- हर चीज अपनी जगह पर और ई-मेल की भी कोई गलती नहीं थी।
दप्तर की राजनीति में सर्वप्रिय कैसे बनें?
दप्तर चाहे बड़ा हो या छोटा, राजनीति उसका हिस्सा अवश्य होती है। इसलिए उन नियमों को जानना जरूरी हो जाता है जो दप्तर की राजनीति करने में आपकी मदद करते हैं और साथ ही आपके सम्मान पर भी आंच नहीं आने देते।
सफलता प्राप्ति के टिप्स
किसी भी लक्ष्य को निर्धारित करने से पूर्व अपनी योग्यता, कार्य-क्षमता व समय-अवधि को सुनिश्चित कर लें। कठिन कार्य को पहले करने का प्रयास करें। टी-मैनेजमेंट दुनिया घूमने वालों के लिए सुनहरा मौका
चाय हिन्दुस्तान में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पी जाती है। टी-मैनेजमेंट में डिग्री या डिप्लोमा हासिल करके आप इस क्षेत्र में शानदार रोजगार हासिल कर सकते हैं। टी-मैनेजमेंट के अंतर्गत कई काम होते हैं। मसलन, टी-प्लांटेशन, प्रोसेसिंग, ब्राँडिंग, मार्केटिंग, रिसर्च आदि। आलोचनाओं को कैसे लें
आलोचना से आज तक कोई नहीं बचा है, चाहे वह खामोशी से की जाए या चिल्लाकर। आप चाहे जितनी तोप चीज क्यों न हों, आलोचना हर किसी के साथ चस्पां हो जाती है। अब यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप उसे कितना ग्रेसफुली हैंडल करके अपने को शांत बनाए रखते हैं।
विदेशी भाषा में हैं कॅरिअर की शानदार संभावनाएँ
अगर आपको भाषाओं से प्रेम है, तो आप उनके ज़रिए कॅरिअर भी बना सकते हैं। नई भाषा सीखना अब सिर्फ हॉबी मात्र नहीं रह गया है बल्कि इससे जीविका भी चलायी जा सकती है।
समुद्र में नौकरियों का खज़ाना अक्वाकल्चर
खेती लायक भूमि में लगातार हो रही कमी, बढ़ती आबादी और गहराता खाद्य संकट, इन सब बातों को देखते हुए आने वाले दिनों में सी-फूड्स पर पूरी दुनिया की खाद्य निर्भरता काफी ज्यादा होगी। यही कारण है कि अक्वाकल्चर पर अब गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है।
सही जांच और सटीक कॅरिअर के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन
बहुत जल्द ही पारंपरिक जांच-परख के तौर-तरीके बदलने वाले हैं, खासतौर पर गंभीर बीमारियों के संबंध में। दरअसल, मौजूदा चिकित्सा पद्धति चाहे वह जिस तौर-तरीके पर आधारित हो, आमतौर पर बीमारियों का अनुमान ही लगाती है और फिर उस अनुमान के आधार पर इलाज होता है।
स्मार्ट युवाओं के लिए स्मार्ट कॅरिअर मॉडलिंग
एक ज़माना था, जब मॉडलिंग या तो मॉर्डनिटी की पहचान होती थी या हॉबी की। हालाँकि तब भी यह अच्छा-खासा धन अर्जित कर रही थी, लेकिन मॉडलिंग कॅरियर नहीं था। मगर पिछले डेढ़ दशक से जबसे देश की अर्थव्यवस्था तेज रप्तार से वृद्धि कर रही है, तब से मॉडलिंग अब महज लाइफ स्टाइल, हाई प्लाइज मॉर्डनिटी या महज शौक भर नहीं है। |
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