अमिताभ मुखर्जी ने संभाला एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पद्भार
हैदराबाद, एनएमडीसी के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में आज अमिताभ मुखर्जी ने पद्भार संभाला। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय रेलवे लेखा सेवा (आईआरएएस) के 1996 बैच के अनुभवी अधिकारी अमिताभ मुखर्जी ने भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी के शीर्ष नेतफत्व तक पहुँचने से पहले भारत सरकार में विभिन्न पदों पर सेवा प्रदान की।
दूरदर्शी नेतफत्व के साथ मुखर्जी मार्च 2023 से सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) और नवंबर 2018 से निदेशक (वित्त) के रूप में एनएमडीसी का मार्गदर्शन कर रहे हैं। वह एनएमडीसी स्टील लिमिटेड तथा लिगेसी आयरन ओर लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं।
एनएमडीसी के ऐतिहासिक मील का पत्थर और भविष्य की दिशा
उनके नेतफत्व में एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 2024 में 45 मिलियन टन उत्पादन को पार करने वाली भारत की पहली लौह अयस्क खनन कंपनी बनकर ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया। उन्होंने एनएमडीसी को कंपनी के इतिहास में अब तक के सबसे अधिक टर्नओवर और नेटवर्थ तक पहुँचाया। अत्याधुनिक डिजिटल और तकनीकी इंफ्रास्ट्रकचर को अपनाते हुए देश की एकमात्र मशीनीवफढत हीरा खदान में प्रचालन पुन प्रारंभ किया।
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मुखर्जी ने एनएमडीसी स्टील प्लांट के चालू होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो अब बस्तर का गौरव बन चुका है। उनके नेतफत्व में कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया में स्वर्ण खनन में प्रगति की और ग्लोबल खनन महाशक्ति बनने की दिशा में कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने प्रमुख निवेश रणनीतियों को क्रियान्वित करने, वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने तथा एनएमडीसी को जिम्मेदार खनन के भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतफत्व में नवरत्न कंपनी 2030 तक 100 मिलियन टन की खनन क्षमता बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
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