29 अप्रैल- लाल किले की नींव पड़ी

नई दिल्ली:(भाषा) लाल किले की नींव 1639 में 29 अप्रैल के दिन ही रखी गई थी। ऐतिहासिक लाल किले को वर्ष 2007 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में चुना गया था। शानदार गुंबदों, बेहतरीन मेहराबों और जालीदार छज्जों से सजी यह इमारत, बेहतरीन स्थापत्य कला और बेमिसाल कारीगरी का नमूना है। देश के इतिहास में इसके महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजादी के बाद से हर वर्ष 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं।  हर वक्त दौड़ती भागती दिल्ली के बीचों-बीच लाल बलुआ पत्थर से बनी एक खूबसूरत इमारत के सामने से गुजरें तो पल भर को नजर ठहर जाती हैं।

देश-दुनिया के इतिहास में 29 अप्रैल की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख दिल्ली के लाल किला के लिए बेहद खास है। यह लाल बलुआ पत्थर से बनी एक खूबसूरत इमारत है। पांचवें मुगल बादशाह शाहजहां के तामीर कराए गए इस ऐतिहासिक लाल किले को वर्ष 2007 में युनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल के रूप में चुना। शानदार गुंबदों, बेहतरीन मेहराबों और जालीदार छज्जों से सजी यह इमारत, बेहतरीन स्थापत्य कला और बेमिसाल कारीगरी का नमूना है। भारत के इतिहास में इसके महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजादी के बाद से हर वर्ष 15 अगस्त को लाल किला की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं। लाल किला की नींव 1639 में 29 अप्रैल को ही रखी गई थी।

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