कदम हमेशा संभलकर रखिए और सोच हमेशा ऊँची : ललितप्रभजी
हैदराबाद, राष्ट्र संत श्री ललितप्रभजी महाराज ने कहा कि दुनिया में अच्छाइयाँ भी हैं और बुराइयाँ भी। आपको वही नज़र आयेगा जैसा आपका नज़रिया है। अच्छी दुनिया को देखने के लिए नज़ारों को नहीं, नज़रिये को बदलिए। हम केवल अच्छे लोगों की तलाश न करते रहें, बल्कि खुद अच्छे बन जाएं, ताकि हमसे मिलकर शायद किसी की तलाश पूरी हो जाए। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं जब कोई अपना दूर चला जाता है, तो तकलीफ होती है। असली तकलीफ तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी दूरियाँ बना लेता है। याद रखें, किसी को सजा देने से पहले दो मिनट रुकिये। याद रखिये, अगर आप किसी की एक गलती माफ करेंगे, तो भगवान आपकी सौ गलतियाँ माफ करेगा।

गुरुदेव ने आगे कहा कि गलती जिंदगी का एक पेज है, पर रिश्ते जिंदगी की किताब। जरूरत पड़ने पर गलती का पेज फाड़िए, एक पेज के लिए पूरी किताब फाड़ने की भूल मत कीजिए। उन्होंने कहा कि बड़ी सोच के साथ दो भाई 40 साल तक साथ रह सकते हैं वहीं छोटी सोच उन्हीं भाइयों को 40 मिनट में अलग कर सकती है। भाई के प्रति हमेशा बड़ी सोच रखिए, क्योंकि दुख-दर्द में वही आपका सबसे सच्चा मित्र साबित होगा। याद रखें, पैर में मोच और दिमाग में छोटी सोच आदमी को कभी आगे नहीं बढ़ने देती है। कदम हमेशा संभलकर रखिए और सोच हमेशा ऊँची।
यहां अध्यक्ष प्रदीप सुराणा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्र संत सोमवार को रंजीतमल नवरतन मल गुंदेचा परिवार द्वारा बी एम बिरला साइंस सेंटर (टेरेस पर), आदर्श नगर में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भाई बहनों को संबोधित कर रहे थे। संतश्री ने कहा कि एक मिनट में ज़िंदगी नहीं बदलती, पर एक मिनट में सोचकर लिया गया फैसला पूरी ज़िंदगी बदल देता है। केवल किस्मत के भरोसे मत बैठे रहिये।
संत प्रवर ने जीवन में आत्मविश्वास और मेहनत की अहमियत बताई
जीवन में योग्यताओं को हासिल कीजिए। किस्मत से कागज तो उड़ सकता है, पर पतंग तो काबिलियत से ही उड़ेगी। भाग्य हाथ की रेखाओं में नहीं अपितु व्यक्ति के पुरुषार्थ में छिपा है। इस दुनिया में नसीब तो उनका भी होता है जिनके हाथ नहीं होते। हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर है। मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत। संत प्रवर ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास जगाइये।
खाली बोरी कभी खड़ी नहीं रह सकती और तकिये से कभी कील ठोकी नहीं जा सकती। जो लोग अपने हाथों का उपयोग हाथ पर हाथ रखने के लिए करते हैं, वे हमेशा खाली हाथ ही बैठे रहते हैं। भाग्य की रेखाएँ चमकाने के लिए लक्ष्य के साथ मेहनत कीजिए, आप पाएँगे आपकी किस्मत केवल चार कदम दूर थी। उन्होंने कहा कि भाग्य को हरा-भरा रखने के लिए सदा सत्कर्म का पानी डालते रहिये। आखिर हरी घास तभी तक हरी रहेगी, जब तक उसे पानी मिलता रहेगा। जीवन में केवल लाभ ही मत कीजिए कभी उसे पलट कर लोगों का भला भी कीजिए।
अवसर पर डॉ मुनि शांति प्रिय सागर महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को नवकार महामंत्र का और प्रभु प्रार्थना का सामूहिक उच्चारण करवाते हुए कहा कि हम भीतर की शांति और आनंद के बारे में कम सोचते हैं, दुनियावालों की ज्यादा चिंता करते हैं। लोगों का तो नियम है टीका-टिप्पणी करना। यहाँ सहयोग करने वाले कम हैं, टक्कर देने वाले ज्यादा हैं। आगे बढ़ने की शुभकामनाएँ देने वाले कम हैं और नीचे गिराने वाले ज्यादा।
यह भी पढ़ें… अग्रवाल समाज महाराजा अग्रसेन मार्ग ने मनाया दिवाली मिलन
गुरु भगवंतों ने जीवन में परिवर्तन और सकारात्मक सोच का संदेश दिया
इसलिए जब तक जीयें, गुलाब के फूल बनकर जीयें। उन्होंने कहा कि मरने के बाद हमें स्वर्ग मिलेगा कि नरक इसका तो पता नहीं, पर जो हर समय व्यस्त और हर हाल में मस्त रहना सीख जाते हैं, उनके लिए यही संसार वैकुंठ धाम बन जाता है। उन्होंने कहा कि जीवन परिवर्तन का नाम है। यहाँ कुछ भी स्थाई नहीं है, सब बदलने वाला है। जो इस हकीकत से रूबरू हो जाता है, वह सुख के साथ दुख का, नफे के साथ नुकसान का और संयोग के साथ वियोग का भी मजा लेना सीख जाता है। इससे पूर्व आदर्श नगर आगमन पर गुरु भगवंतों का श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में शांति बाई गुंदेचा, रंजीतमल गुंदेचा, नवरतन मल गुंदेचा, मंजू देवी गुंदेचा, सुशीला देवी गुंदेचा, जगदीश मल गुंदेचा, सूरज देवी गुंदेचा, मुकेश गुंदेचा, वैशाली गुंदेचा, जिनेंद्र गुंदेचा, प्रियंका गुंदेचा, योजन गुंदेचा, रिवान गुंदेचा, प्रिशा गुंदेचा, जिनीशा गुंदेचा परिवार का लोक कल्याणकारी चातुर्मास समिति द्वारा अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में लोक कल्याणकारी चातुर्मास समिति के अध्यक्ष मोतीलाल भलगट, वाइस चेयरमैन उमेश बागरेचा, अध्यक्ष प्रदीप सुराणा, कार्य अध्यक्ष अमित मुनोत, कोषाध्यक्ष मानक चंद्र पोखरणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल चंद मुथा, उपाध्यक्ष कुशल कांकरिया, योगेश गांधी, महावीर चोपड़ा, निर्मल कोठारी, मंत्री प्रवीण सुराणा, चंद्र प्रकाश लोढ़ा, सह मंत्री रोमिल गोलेछा, महावीर भलगट विशेष रूप से उपस्थित थे। मंगलवार 11 नवंबर को बोलारम के जैन स्थानक में सुबह 9:15 बजे प्रवचन और सत्संग का आयोजन होगा।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



