एपीएएआर आईडी छात्र डेटाबेस की कुंजी है- प्रो. घंटा चक्रपाणि
डॉ. बी. आर. अंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी प्रशिक्षण एवं विकास केंद्र तथा तेलंगाना उच्च शिक्षा परिषद द्वारा संतुक्त रूप से आयोजित ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (एपीएएआर) के कार्यांवयन पर दो दिवसीय कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. घंटा चक्रपाणि ने कहा कि देशभर में एक ही स्थान पर विद्यार्थी के शैक्षणिक संबंधी सभी मामलों को पंजीकृत करने के लिए ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री आईडी जरूरी है।
कुलपति ने यह छात्र डेटाबेस की कुंजी है। एपीएएआर के कार्यांवयन को लेकर अंबेडकर विश्वविद्यालय तेलंगाना में अग्रणी है। विषय पर प्रकाश डालते हुए प्रो. घंटा चक्रपाणि ने कहा यूजीसी द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति 2020 के तहत एपीएएआर आईडी बनाने के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई है। विश्वविद्यालय ने 75 प्रतिशत विद्यार्थियों की एपीएएआर आईडी बनाई है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. एल. विजय कृष्ण रेड्डी तथा सीएसटीडी निदेशक डॉ. पी. वेंकटरमण कार्यशाला की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता रजिस्ट्री एपीएएआर के उपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एपीएएआर आईडी बनाकर छात्रों के पास सरकार से छात्रवृत्ति प्राप्त करने के अधिक अवसर हैं। आने वाले दिनों में छात्रों को शिक्षा से संबंधित कोई भी छात्रवृत्ति या कोई भी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए एपीएएआर आईडी अनिवार्य होगी।
अवसर पर डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन, नई दिल्ली के अधिकारी रोहित सिंह, रोहित कश्यप तथा रवि पांडे सहित अन्य ने एपीएएआर की आवश्यकता पर विचार रखे। कार्यक्रम में तेलंगाना के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेज शिक्षा विभाग, इंटरमीडिएट बोर्ड और तकनीकी शिक्षा विभागों के 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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