गुरदासपुर में सेना ने महिला और नवजात को बचाया

चंडीगढ़, सेना के जवानों ने पंजाब के गुरदासपुर जिले के धनगई गांव में आंशिक रूप से जलमग्न एक इमारत की पहली मंजिल पर कई दिनों से फंसी एक महिला और उसके 15 दिन के बच्चे को बचाया तथा उन्हें 18 किलोमीटर लंबे जलमग्न इलाके से होते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सेना की खड़गा कोर के जवानों को शनिवार को नवजात शिशु और उसकी मां के बारे में जानकारी मिली।

महिला का एक पखवाड़ा पहले ही सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था और वह एवं उसका बच्चा चार दिनों से घर में फंसे हुए थे। एक बयान में कहा गया है कि तुरंत कार्रवाई करते हुए जवानों ने दोनों को वहां से निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बयान के अनुसार, तीन किलोमीटर तक पानी की तेज धारा को नाव से पार किया गया और अगले 15 किलोमीटर तक जलमग्न मार्ग को सेना के वाहन से पार किया गया।

गुरदासपुर बाढ़ : सेना-एनडीआरएफ राहत अभियान जारी

बयान के मुताबिक, इस दौरान मां और उसके बच्चे को दूध और पानी भी उपलब्ध कराया गया। बयान में कहा गया है कि मां और बच्चे को उनके परिवार से मिला दिया गया। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सतलुज, व्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों में आए उफान के कारण पंजाब भीषण बाढ़ की चपेट में है।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांवों में गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिले में स्थित गांव शामिल हैं। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पंजाब पुलिस और जिला अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।

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इससे पहले, पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने जमीनी हालात का जायजा लिया, राहत उपायों की समीक्षा की और नागरिकों, एनडीआरएफ और राहत टुकड़ियों से बातचीत की। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने सभी हितधारकों के प्रयासों की सराहना करते हुए नागरिकों को जान-माल की सुरक्षा में सेना के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। (भाषा)

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