तुला संक्रांति पर बनेंगे शुभ योग

सूर्य देव 17 अक्तूबर, शुक्रवार को कन्या राशि से निकल कर तुला राशि में जाएंगे और 15 नवंबर, शनिवार तक विराजमान रहेंगे। 16 नवंबर, रविवार को वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे।

पुण्य काल

तुला संक्रांति पर पुण्य काल सुबह 10 बजकर 5 मिनट से शाम 5 बजकर 43 मिनट तक है।

महा पुण्य काल

तुला संक्रांति का महा पुण्य काल दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजकर 48 मिनट तक।

पुण्य क्षण

तुला संक्रांति का पुण्य क्षण दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक।

शुक्ल योग

वैदिक ज्योतिष में शुक्ल योग को बहुत ही कल्याणकारी माना गया है। शुक्ल योग का संयोग 17 अक्तूबर, शुक्रवार की देर रात 1 बजकर 49 मिनट तक है। यह योग मुख्य रूप से शांति, सद्भाव और रचनात्मकता से जुड़ा हुआ है। शुक्ल योग में किए गए सभी धार्मिक और शुभ कार्य सफल होते हैं और उनका फल लंबे समय तक बना रहता है।

यह योग व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति को मजबूत करता है। यदि आप कोई नया कार्य, व्यापार या शुभ अनुष्ठान शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इस योग में करना अत्यंत फलदायी होता है। तुला पांति पर शुक्ल योग देर रात तक बना रहेगा, जिससे साधकों को भगवान भास्कर की पूजा का पूरा फल मिलेगा।

यह भी पढ़े: माता अहोई करती हैं संतान का मंगल

शिव वास योग

ज्योतिष गणना के अनुसार, शिव वास योग उस समय बनता है, जब भगवान शिव कैलाश पर्वत या नंदी पर विराजमान होते हैं। तुला संक्रांति को यह योग पूरे दिन बना रहेगा। इसमें भगवान शिव का अभिषेक या रुद्राभिषेक करना अति उत्तम माना जाता है। शिववास योग में किए गए जप, तप और दान का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर लंबे समय तक सकारात्मक रूप से दिखाई देता है। यह महासंयोग सुनिश्चित करता है कि इस दिन सूर्य देव और भगवान शिव दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त हो।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button