हैदराबाद मेट्रो में महिला सुरक्षा पर जागरूकता ज़रूरी : ई-थेम्स सर्वे

हैदराबाद, हैदराबाद मेट्रो रेल सुलभ, सुरक्षित और त्वरित गंतव्य स्थल की यात्रा के लिए देशभर में मशहूर है। इसके बावजूद महिला यात्रियों द्वारा रात के समय असुरक्षित महसूस किया जाना चिंता का विषय है। इस संबंध में किये गये सर्वेक्षण में बताया गया है कि मेट्रो में कई तरह के सुरक्षा प्रावधान हैं, लेकिन उनके प्रति जागरूकता की आवश्यकता है। शहर के ई-थेम्स बिजनेस स्कूल के विद्यार्थियों की एक टीम ने हैदराबाद मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा पर सर्वेक्षण किया है।

कॉलेज की छात्रा अमीना बेगम, खतीजतुल कुबरा, तरुणी रेड्डी और सुखजोत सिंह चावला ने मेंटर डॉ. साहेरा फ़ातिमा के मार्गदर्शन में अध्ययन किया है। अध्ययन के दौरान 410 महिला यात्रियों से बातचीत की गयी और कुछ यात्रियों से गहन साक्षात्कार किये गये। हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड व तेलंगाना पुलिस महिला सुरक्षा शाखा के अधिकारियों की राय भी सर्वेक्षण की रिपोर्ट में शामिल की गयी।

रिपोर्ट में सामने आया है कि दिन में महिलाएँ मेट्रो में सुरक्षित महसूस करती हैं, लेकिन रात में वह अधिक सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। 11 प्रतिशत महिलाओं ने छेड़छाड़ की घटनाओं का अनुभव बताया, लेकिन अधिकांश मामलों की रिपोर्ट नहीं की गई, क्योंकि यात्रियों को प्रोटोकॉल स्पष्ट नहीं थे या वे शिकायत करने से झिझक रही थीं। सर्वे में यह भी सामने आया कि आधे से कम ही लोग टी-सेफ ऐप और हेल्पलाइन के बारे में जानते हैं और केवल 12 प्रतिशत लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है।

हैदराबाद मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा सुधार सुझाव

महिलाओं के लिए अलग कोच और सीसीटीवी कैमरे मौजूद होने के बावजूद सीमित मॉनिटरिंग, मंद प्रकाश और स्टाफ की कमी अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं। यात्रियों ने यह भी सुझाव दिया कि वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म पर अधिक सीटें उपलब्ध कराई जाएँ, ताकि प्रतीक्षा के दौरान उन्हें असुविधा न हो। अध्ययन टीम ने भारत के 15 और दुनिया के 247 से अधिक मेट्रो नेटवर्क का तुलनात्मक विश्लेषण किया।

इसमें पाया गया कि हैदराबाद मेट्रो अवसंरचना के मामले में पहले से ही कई वैश्विक मानकों के अनुरूप है, लेकिन प्रवर्तन, जागरूकता और तकनीकी अपनाने के क्षेत्रों में और सुधार की आवश्यकता है। टोक्यो, सियोल, लंदन और दुबई जैसे शहरों की तरह महिलाओं के लिए विशेष कोच, पैनिक बटन, गुमनाम रिपोर्टिंग ऐप और बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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दिल्ली और कोच्चि जैसे भारतीय शहरों के अनुभवों ने भी यह साबित किया है कि सुरक्षा उपाय सीधे तौर पर महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ाते हैं। ई-थेम्स टीम ने हैदराबाद मेट्रो के लिए तीन प्रमुख सुझाव दिए हैं। अवसंरचना सुधार जैसे बेहतर रोशनी और स्ट्रीट-लेवल सीसीटीवी, स्टाफ सुधार जैसे अधिक महिला कर्मियों की नियुक्ति और जेंडर सेंसिटिविटी ट्रेनिंग, तथा सामुदायिक जुड़ाव जैसे एनजीओ के साथ साझेदारी और व्यापक जागरूकता अभियान आदि।

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