राजीव युवा विकासम योजना के क्रियान्वयन में सहयोग दें बैंकर्स : भट्टी विक्रमार्का
हैदराबाद, उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि राज्य सरकार ने रोजगार अवसर नहीं मिलने वाले बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के लिए राजीव युवा विकासम योजना लागू की है। आगामी 2 जून को तेलंगाना स्थापना दिवस पर पाँच लाख बेरोजगार युवाओं को राजीव युवा विकास योजना के स्वीकृति पत्र प्रदान करने के लक्ष्य को लेकर सरकार काम कर रही है। उन्होंने बैंकर्स से अनुरोध किया कि सरकार के इस वृहत लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करें।
भट्टी विक्रमार्का ने गुरुवार को होटल मैरीगोल्ड में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने बताया कि शिक्षित मानव संसाधन की निक्रियता समाज को लाभ की बजाय नुकसान पहुँचाती है। उस नुकसान को रोकने के लिए राजीव युवा विकास योजना शुरू की गई, ताकि युवाओं की बुद्धिमत्ता का उपयोग उत्पादन क्षेत्र में किया जा सके और सकल घरेलू उत्पाद को बड़े पैमाने पर लाभ पहुँचाया जा सके।
हरित ऊर्जा और कौशल विकास से समृद्धि की ओर
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि प्रजा सरकार तेलंगाना राज्य में मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देते हुए आगे बढ़ रही है। इसके लिए राज्य में कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक व्यावसायिक महाविद्यालयों के प्रत्येक विद्यार्थी को फीस पुनर्भुगतान प्रदान किया जा रहा है।
भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से 12,600 करोड़ खर्च कर इंदिरा सौर गिरी जल विकास योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य राज्य में आरओएफआर पट्टा वाली छह लाख 70 हजार एकड़ वन भूमि पर सौर ऊर्जा के माध्यम से खेती करना है। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष स्वयं सहायता समूहों को 20 हजार करोड़ से अधिक ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है और अगले चार वर्षों में इसी प्रकार प्रति वर्ष ब्याज मुफ्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
भट्टी विक्रमार्का ने बिजली क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक 20 हजार मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन करने की योजना के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। इसी प्रकार हैदराबाद शहर में मूसी पुनरुद्धार के लिए विशेष गतिविधियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आउटर रिंग रोड और रीजनल रिंग रोड के बीच विभिन्न प्रकार के क्लस्टरों के साथ उद्योगों के विकास की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बैंकर्स से राज्य के विकास में सहभागी बनने की अपील की। साथ ही 2025-26 की वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्यों को पूरा करने की आशा व्यक्त की।
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कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता, किसानों को नई राहत
कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि सरकार बागवानी फसलों सहित कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वह ऑयल पॉम खेती के लिए ऋण देने में अधिक उदारता बरतें। उन्होंने याद दिलाया कि चुनावी वादे के अनुसार दो लाख रुपये तक के ऋण वाले सभी किसानों के लिए 21 हजार करोड़ बैंकों में जमा कराए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के बीमा प्रीमियम का भुगतान कर रही है। साथ ही रैतु भरोसा योजना के जरिए खेती कार्यों के लिए निवेश सहायता प्रदान कर रही है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 45वीं तिमाही समीक्षा बैठक वित्त वर्ष 2025ö26 के लिए तेलंगाना राज्य में बैंकों की वार्षिक त्रण योजना का शुभारंभ किया गया।
बैठक में तेलंगाना सरकार के प्रमुख सचिव (वित्त) संदीप कुमार सुल्तानिया, ,अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव एन श्रीधर, आदिवासी कल्याण विभाग के सचिव ए.सरथ, बीसी कल्याण विभाग के ई.श्रीधर, आरबीआई, हैदराबाद के क्षेत्रीय निदेशक चिन्मय कुमार, नाबार्ड, हैदराबाद के सीजीएम उदय भास्कर, एसबीआई, हैदराबाद सर्कल के डीएमडी राजेश कुमार, एसएलबीसी-तेलंगाना के संयोजक व एसबीआई के महाप्रबंधक प्रकाश चंद्र बरोर सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों, , आरआरबी, एसएफबी, भुगतान बैंकों के अधिकारी, कृषि और एमएसएमई के विभिन्न संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का समापन एसबीआई, तेलंगाना के डीजीएम (एफआई एवं एसएलबीसी) प्रशांत कुमार बरियार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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