“स्वच्छता ही सेवा” अभियान
स्वच्छता जागरूकता और नागरिक भागीदारी पर जोर
नई दिल्ली, स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की दिशा में स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2024 अभियान पूरे भारत में चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समग्र समाज के दृष्टिकोण के अंतर्गत तीन प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करना था-स्वच्छता लक्ष्य इकाइयाँ (सीटीयू), स्वच्छता में जन भागीदारी और सफाई मित्र सुरक्षा शिविर। इन प्रयासों का उद्देश्य सामूहिक कार्रवाई और नागरिक भागीदारी को फिर से जागृत करना रहा।
पर्यटन मंत्रालय ने पेयजल और स्वच्छता विभाग (डीओडीडब्ल्यूएस), जल शक्ति मंत्रालय तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के तहत इस अभियान का संचालन किया। इसमें विभिन्न पर्यटन स्थलों और तीर्थ स्थानों पर सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पर्यटन और स्वच्छता के लिए सामूहिक प्रयास
स्वच्छता न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पर्यटन उद्योग के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पर्यटन मंत्रालय ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों, आईआईटीटीएम, होटल प्रबंधन संस्थानों और फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट जैसे शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से इस अभियान को बढ़ावा दिया। स्वच्छता ही सेवा-2024 के अंतर्गत रांची, झारखंड सहित कुल 374 स्थानों पर सफाई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान के माध्यम से सिंगल-यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाई गई, जिससे स्थायी पर्यटन और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिला। यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से साझा की।(PIB)
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