ट्रांसजेंडरों को पार्षद नामित करने पर हो विचार : सीएम रेवंत रेड्डी

हैदराबाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि अगले विधानसभा बजट सत्र में स्वास्थ्य नीति लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि राज्य में हर व्यक्ति को सौ प्रतिशत बेहतर उपचार प्रदान किया जाए। उन्होंने आज प्रजा भवन में बाल भरोसा योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को सुझाव दिया कि आगामी नगरपालिका चुनावों में कोआप्शन सदस्य के रूप में एक ट्रांसजेंडर को पार्षद के रूप में नामित किया जाए, ताकि उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

इसके अलावा उन्होंने वर्चुअल पद्धति से वयोवृद्धों के लिए दिवस देखभाल केंद्रों प्रणाम का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगों को मुफ्त उपकरण वितरित किये। इसके तहत दिव्यांगों को रेट्रोफिटेड मोटर चालित वाहन, बैटरी संचालित तिपहिया वाहन, बैटरी व्हीलचेयर, लैपटॉप, श्रवण यंत्र, मोबाइल फोन और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का मुफ्त वितरण किया गया। दिव्यांग सहकारी समिति के तत्वावधान में वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

शिक्षा और नौकरियों में दिव्यांगों को बराबर अवसर

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मानवीय दृष्टिकोण से काम कर रही है, ताकि दिव्यांग लोग भी समाज में आत्मसम्मान के साथ रह सकें। दिव्यांगों को आवश्यक उपकरण वितरित करने के लिए हमने 50 करोड़ खर्च किये हैं। शिक्षा और नौकरियों की भर्ती में दिव्यांगों को उनके कोटे के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा की दुनिया में दिव्यांगों को हर क्षेत्र में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने दिव्यांगों से सरकार द्वारा दिए जा रहे अवसरों का लाभ उठाने और जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत जयपाल रेड्डी, जो सर्वश्रेष्ठ सांसद के रूप में उभरे थे, दिव्यांगों के लिए एक प्रेरणा थे। उन्होंने आगामी नगर निगम चुनावों में कोआप्शन सदस्य के रूप में एक ट्रांसजेंडर को पार्षद के रूप में नामित करने का सुझाव दिया। इससे उन्हें अपने मुद्दों पर बोलने का मौका मिलेगा। इस पर एक उचित निर्णय लेने की जरूरत है।

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माता-पिता की उपेक्षा पर सख्त कानून लाने का ऐलान

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बुजुर्गों की मदद करने के लिए प्रणाम नाम से डे केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि एक कानून बनाया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करता है, तो उनके वेतन से माता-पिता को हर महीने 10 प्रतिशत राशि दी जाए। इस संबंध में एक विधेयक इस बजट सत्र के दौरान विधानसभा में पेश किया जाएगा।

जिन लोगों ने माता-पिता की उपेक्षा की है, उन्हें रास्ते पर लाना ही होगा। उन्होंने टिप्पणी की कि जिन लोगों की अपने अभिभावकों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है, उनके लिए समाज पर क्या जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा सीएम ने कहा कि तेलंगाना की जनता सामाजिक न्याय और समान अवसर चाहती है। यही कारण है कि हमने राज्य में जातिगत गणना की। तेलंगाना से प्रेरणा लेकर अब केंद्र सरकार भी जनगणना में जाति की गणना करने के लिए सहमत हुई है।

देश आज तेलंगाना के जातिगत गणना मॉडल का पालन कर रहा है। इसी प्रकार राज्य में एससी वर्गीकरण लागू किया जा रहा है और इन वर्गों को समान अवसर प्रदान किया जा रहा है। सरकार हर मुद्दे को सुनने को तैयार है और उसका समाधान भी होगा। इस अवसर पर तेलंगाना को देश का आदर्श राज्य और गरीब कल्याण राज्य बनाने में सरकार का सहयोग देने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का, मंत्री लक्ष्मण, दामोदर राज नरसिंह, सीतक्का, सीएम के सलाहकार वी. एम. नरेंदर रेड्डी, सांसद बलराम नायक और अनिल कुमार यादव, विधायक, एमएलसी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिलों और मंडलों के पुनर्गठन पर आयोग

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि राज्य में जिलों और मंडलों के पुनर्गठन के लिए जल्द ही उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में आयोग का गठन किया जाएगा। यह आयोग जिलों और मंडलों को तर्कसंगत बनाने के संबंध में लोगों के सुझाव और सलाह लेने के लिए राज्य भर का दौरा करेगा।

अगले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के साथ गहन चर्चा की जाएगी और दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि अतीत में जिलों और मंडलों को मनमाने ढंग से विभाजित किया गया और इस संबंध में लोगों से कई अपील और मांगें प्राप्त हुई हैं।

रेवंत रेड्डी ने आज सचिवालय में आयोजित तेलंगाना गजेटेड अधिकारी केंद्रीय संघ के डायरी और कैलेंडर – 2026 के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर सांसद अनिल कुमार यादव, विधायक राज ठाकुर, अधिकारी संघ के नेता और अन्य उपस्थित थे।

सेवानिवृत्ति लाभों का जल्द समाधान करने की घोषणा

इस मौके पर रेवंत रेड्डी ने कहा कि केवल मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक ही नहीं है, जो सरकार चलाते हैं, इसमें 10.5 लाख कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब मिलकर लोगों को अच्छा प्रशासन देंगे। उन्होंने वादा किया कि सरकार हमेशा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करेगी।

इस अवसर पर उन्होंने यह ऐलान किया कि कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ के मुद्दों का जल्द ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने हम पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज थोपा है। राज्य सरकार की प्रति महीने की आय 18 हजार करोड़ रुपये है, लेकिन सरकार को हर महीने 22 हजार करोड़ रुपये के ऋण का भुगतान करना पड़ रहा है।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि हम सभी एक साथ आगे बढ़ रहे है और यही कारण है कि आज देश में तेलंगाना का सम्मान बना हुआ है। उन्होंने टिप्पणी की कि यह एक सामूहिक जिम्मेदारी है, प्रशासन तभी तेजी आगे बढ़ेगा जब हम सब जिम्मेदारी एक साथ निभाऐंगे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। इसी प्रकार कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा सुविधा देने की योजना भी बनाई जा रही है।

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