कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स ने जैव चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु लांच किया बायोबैंक
हैदराबाद, गच्ची बावली स्थित कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स में वैश्विक जैव चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए नेक्स्ट जेनरेशन बायोबैंक लांच किया गया। अमेरिका स्थित क्रॉनिकल बायो के सहयोग से विकसित बायोबैंक को वैश्विक स्तर पर एआई-संचालित जैव चिकित्सा खोज और चिकित्सीय विकास को गति देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्लेटफार्म ऑन्कोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, हृदय रोगों सहित तंत्रिका संबंधी रोगों में शोध तथा अनुसंधान को गति प्रदान करेगा।
कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के संस्थापक तथा अध्यक्ष डॉ. गुरु एन. रेड्डी ने बायोबैंक का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सुविधा उन्नत बायोबैंकिंग अवसंरचना को बुद्धिमान डेटा प्रणालियों के साथ जोड़ने वाली है। इसे नमूना प्रबंधन, भंडारण और सहमति के लिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने हेतु विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। डॉ. रेड्डी ने कहा कि अग्रणी अमेरिकी और वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों और एआई अनुसंधान प्लेटफार्मों के साथ साझेदारी के माध्यम से यह बायोबैंक भारत की नैदानिक उत्कृष्टता और विश्वव्यापी वैज्ञानिक नवाचार के बीच एक सेतु बनेगा। इसका उद्देश्य जैविक डेटा के संग्रह और उपयोग के तरीके को बदलते हुए रोगियों को ऐसे अनुसंधान में योगदान करने के लिए सशक्त बनाना है, जो दूसरों के लिए परिणामों को बेहतर बना सके।
बायोबैंक नए चिकित्सीय एजेंटों के विकास और सत्यापन में महत्वपूर्ण संसाधन
क्रॉनिकल बायो यूएस के सह-संस्थापक और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के निदेशक ऋषि रेड्डी ने कहा कि बायोबैंक नए नैदानिक चिह्नों और नए चिकित्सीय एजेंटों के विकास और सत्यापन में महत्वपूर्ण संसाधन है। यह बायोबैंक उच्च गुणवत्ता वाले बायो स्पेसिमेन और बड़े पैमाने पर डेटा उत्पादन को सक्षम करके सटीक चिकित्सा को आगे बढ़ाने में आधारशिला का काम करेगा। यह विभिन्न चिकित्सीय क्षेत्रों के रोगियों से रक्त, प्लाज्मा, सीरम, उत्तक, लार, मल और अन्य बायोस्पेसिमेन सहित विविध प्रकार के जैविक नमूने एकत्र करेगा।
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प्रत्येक नमूने को सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना के माध्यम से समृद्ध, पहचान रहित नैदानिक और जीनोमिक डेटा केसाथ जोड़ा जाएगा, जिससे शोधकर्ताओं को नए बायोमार्कर, रोग तंत्र और चिकित्सीय लक्ष्यों को उजागर करने में मदद मिलेगी। इन नमूनों को एआई संचालित विश्लेषण के साथ एकीकृत करके, बायोबैंक ऑन्कोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, हृदय रोग, तंत्रिका विज्ञान और दुर्लभ विकारों जैसे क्षेत्रों में खोज में तेजी लाने में मदद करेगा। यह बुनियादी ढाँचा न केवल दवा और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान का समर्थन करता है, बल्कि नए नैदानिक उपकरणों और व्यक्तिगत उपचार रणनीतियों को सक्षम बनाता है, जो अधिक प्रभावी हस्तक्षेपों के माध्यम से रोगियों को सीधे लाभ पहुँचा सकते हैं।
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