साइबर धोखाधड़ी के सिंडिकेट बेनकाब, 15 गिरफ्तार

हैदराबाद, यह संयुक्त कार्रवाई साइबराबाद पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है, जिसमें दो अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी रैकेटों का पर्दाफाश किया गया—एक घरेलू बैंक खातों और सिम कार्डों की सप्लाई के जरिए चल रहा था, जबकि दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। साइबर अपराधों के बढ़ते जाल को तोड़ने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई ने न केवल 15 आरोपियों को गिरफ्त में लिया, बल्कि सैकड़ों साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़े अहम सबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

साइबराबाद के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बैंक खाते, चेक बुक और सिम कार्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम संचालकों को सप्लाई करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गच्चीबावली स्थित साइबराबाद पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए साइबर क्राईम के डीसीपी वाईवीएस सुधींद्र, एसओटी के डीसीपी शोभन कुमार ने बताया कि एनटीआर जिले के वी. श्रीनिवास राव (52), वेस्ट गोदावरी के सी. गणेश (45), अनंतपुर के जी. नवीन कुमार रेड्डी (33), मडेचल के एस. राजेश (41), कृष्णा जिले के एम. सुधीर (50) व हैदराबाद के मोहम्मद अशरफ (39) को साइबर अपराधियों कोबैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इन खातों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेन-देन किए जाते थे, जिसमें गिरोह को कमीशन मिलता था।

1.09 करोड़ की ठगी और 400 मामले

डीसीपी शोभन कुमार ने बताया कि वी. श्रीनिवास राव और चिट्टा गणेश ने बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराए। नवीन कुमार रेड्डी ने खाताधारकों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में मदद की। राजेश ने खातों को सुधीर और मोहम्मद अशरफ को 2 प्रतिशथ कमीशन पर सप्लाई किया। सुधीर ने कुछ क्रेडेंशियल अन्य व्यक्ति को 5 प्रतिशत कमीशन पर साझा किए, जबकि मोहम्मद अशरफ ने टेलीग्राम के जरिए कई खाते विदेश स्थित फ्रॉड ऑपरेटर्स को बेच दिए।

आरोपियों के पास से 7 सेलफोन्स, 3 चेक बुक, 11 सिम कार्ड को जब्त किया गया। आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में 1,09,50,000 रुपयों की ठगी की गई।  उन्होंने बताया कि फोरेंसिक जांच में मोबाइल फोन से 60 चेक की तस्वीरें और डिजिटल सामग्री मिली, जो देशभर के लगभग 400 साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़ी हुई है। आरोपियों को आगे की कार्रवाई के तहत कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।आरोपियों को पकड़ने में  वीडीआरएल के इंस्पेक्टर विजय कुमार, इंस्पेक्टर दुर्गा, इंस्पेक्टर डी.पल्लवेली समेत टीम की अहम भूमिका रही।

अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर ठगी का भंडाफोड़, ऑस्ट्रेलिया को निशाना बनाने वाले 9 गिरफ्तार

साइबराबाद के बालानगर की स्पेशल ऑपरेशन्स टीम और साइबर क्राइम पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए माधापुर स्थित आयप्पा सोसाइटी में चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। फर्जी कॉल सेंटर ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने मौके से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य सरगना अभी भी फरार है।

गच्चीबावली स्थित साइबराबाद पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए साइबर क्राईम के डीसीपी वाईवीएस सुधींद्र, एसओटी के डीसीपी शोभन कुमार ने बताया कि खम्मम के टेली कॉलर येपुरी गणेश (30), मरम्पुडु चिन्ना केशव (26), वेस्ट बंगाल की मौमिता मंडल (27), ओडिशा के टेली कॉलर एजाज अहमद (42),  कोतकाला के टेली कॉलर संबित रॉय (27), शान्निक बनर्जी (24), मौमिता मलिक (33), सिल्पी समदेर (33), कुनाल सिंह (37) को इंटरनेशनल धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया।

ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को निशाना बनाने की ठगी में भारतीय छात्र भी बने माध्यम

वे सभी रिड्ज सोल्युशन्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से टेलीकॉलिंग का काम करते थे। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य विशेषकर ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को फर्जी पॉप-अप और ईमेल भेजकर, कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने के लिए प्रेरित कर, एनी डेस्क एप के जरिए रिमोट एक्सेस लेकर बैंक खाते नियंत्रित कर पैसों की ठगी करने के बाद पैसों को ऑस्ट्रेलियाई बैंक खातों में भेजते थे और फिर भारत में हवाला/क्रिप्टो के जरिए पैसा पहुंचाया जाता था। गिरोह को गिरफ्त में लेने के बाद आरोपियों के मोबाइल से 45 ऑस्ट्रेलियाई बैंक खातों का पता लगाया गया।

यह भी पढ़े : हैदराबाद में 24 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 8 आरोपी गिरफ्तार

आरोपी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय छात्रों को भी अपने जाल में फंसाकर पैसों को उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करते थे और फिर वहाँ से ऑनलाइन भारतीय बैकों में पैसा हस्तांतरित किया जाता था। आरोपियों के पास से 12 कंप्यूटर,  2 राउटर, 21 मोबाइल फोन, चौपहिया वाहन, 3 फर्जी स्टैम्प्स, आरोपी गणेश का पासपोर्ट जब्त किया गया। अधिकारियों को विदेशी बैंक खातों के उपयोग को लेकर चेतावनी देते हुए एनआरआई छात्रों और उनके परिवारों को सतर्क रहने की भी चेतावनी दी।अवसर पर मेडचल एसओटी के अतिरिक्त उपायुक्त ए. विश्व प्रसाद, एसओटी बालानगर के इंस्पेक्टर शिवा कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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