डीसीपी ने दी रैगिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, गांधी मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम
हैदराबाद, पूर्वी क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त डॉ. बी. बाला स्वामी ने छात्रों को अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने का मंत्र देते हुए रैगिंग में शामिल होने पर सख्त कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी। आज चिलकलगुडा स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के सभागार में प्रथम वर्ष के मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए डीसीपी बाला स्वामी ने कहा कि आपने अपनी मेहनत और लगन से मेडिकल सीट हासिल की है, अब आपका भविष्य आपके अपने हाथों में है।
पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद पेशे में हर मरीज के प्रति करुणा और समर्पण का भाव रखे। उन्होंने कहा कि संस्थान में सीनियर छात्रों से मित्रता अच्छी बात है, लेकिन यदि कोई उत्पीड़न, डराना-धमकाना या रैगिंग करता है, तो तुरंत एंटी-रैगिंग कमेटी, प्राचार्य, किसी प्रोफेसर या पुलिस विभाग को तत्काल सूचित करें। यदि मानसिक या शारीरिक रूप से कोई परेशान करता है, तो इसे कॉलेज प्रशासन या पुलिस के संज्ञान में अवश्य लाएँ।

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स्वामी ने रैगिंग के अलावा ड्रग्स, लगातार सेलफोन के इस्तेमाल के दुष्प्रभाव से भी छात्रों को जागरूक करते हुए आपात स्थिति में मेडिकल टोल-फ्री नंबर या 100 पर कॉल करने की अपील की। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि रैगिंग का अर्थ किसी भी ऐसे कृत्य से है जो किसी छात्र को अपमानित, भयभीत, परेशान या शारीरिक/मानसिक रूप से क्षति पहुंचाता हो, इसके लिए तेलंगाना रैगिंग निषेध अधिनियम, 1997 (धारा 3) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के भीतर या बाहर रैगिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है। अवसर पर गांधी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या श्रीमती इंदिरा, गांधी हॉस्पिटल की अधीक्षक डॉ. वाणी, आरएमओ-1 डॉ. शेषाद्रि, उप-प्राचार्य डॉ. राजाराव, चिलकलगुड़ा के एसीपी के. शशांक रेड्डी, इंस्पेक्टर बी. अनुदीप भी उपस्थित थे।
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