डिज़्नी और यूट्यूब टीवी विवाद लंबा खिंचने के संकेत, शेयरों में गिरावट
हैदराबाद, वॉल्ट डिज़्नी ने संकेत दिया है कि यूट्यूब टीवी के साथ उसका प्रसारण अधिकार विवाद लंबे समय तक चल सकता है। इसी चिंता के बीच कंपनी के शेयर गुरुवार दोपहर 8.3% तक गिर गए। डिज़्नी की तिमाही आय भी उम्मीद से कम रही, क्योंकि केबल टीवी से होने वाली कमाई में गिरावट ने स्ट्रीमिंग और थीम पार्क की अच्छी वृद्धि को पीछे छोड़ दिया।
डिज़्नी के चैनल 30 अक्तूबर को यूट्यूब टीवी से हटा दिए गए थे। लगभग 1 करोड़ ग्राहकों वाला यूट्यूब टीवी अमेरिका का चौथा सबसे बड़ा पे-टीवी प्लेटफ़ॉर्म है। इससे पहले एनबीसी यूनिवर्सल के साथ भी इसी तरह का विवाद हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिज़्नी धीरे-धीरे केबल कंपनियों पर निर्भरता घटा रहा है, लेकिन पूरी तरह आगे बढ़ने में समय लगेगा। वहीं खेल प्रेमियों के लिए यूट्यूब टीवी एक बड़ा प्लेटफ़ॉर्म है, इसलिए डिज़्नी चैनलों का न होना एक बड़ी कमी है।
मॉर्गन स्टैनली के अनुसार, यदि ब्लैकआउट 14 दिनों तक जारी रहा तो डिज़्नी को करीब 6 करोड़ डॉलर का नुकसान हो सकता है। यूट्यूब टीवी की तेज़ बढ़त और गूगल की वित्तीय ताकत उसे बातचीत में मजबूत बनाती है। डिज़्नी सीईओ बॉब आइगर ने कहा कि कंपनी का प्रस्ताव यूट्यूब टीवी के लिए पहले किए गए हर समझौते से बेहतर है।
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कंपनी का तिमाही राजस्व लगभग स्थिर रहकर 22.5 अरब डॉलर रहा। पारंपरिक टीवी इकाई का लाभ 21% गिरा, जबकि स्ट्रीमिंग की आय 39% बढ़कर 352 मिलियन डॉलर हो गई। डिज़्नी ने 50% बढ़ा हुआ लाभांश और 7 अरब डॉलर का शेयर बायबैक भी घोषित किया।
तिमाही में डिज़्नी+ और हुलु ने 1.25 करोड़ नए ग्राहक जोड़े। वहीं AI कंपनियों के साथ सहयोग की योजना भी जारी है ताकि प्लेटफ़ॉर्म को और आकर्षक बनाया जा सके।
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