संबंध की मज़बूती के लिए करें दोस्ती का ऑडिट
अगर दोस्ती में गलतफहमी के प्रवेश के हल्के से संकेत पर दोस्त आपस में खुलकर बात नहीं करते हैं तो उनके अंदर की उलझनें व संकोच (या अहंकार) उनके बीच में खाई खोद देते हैं जो निरंतर बढ़ती जाती है। इसलिए दोस्ती का नियमित ऑडिट करना आवश्यक हो जाता है, संबंध को मज़बूती प्रदान करने के लिए।
एमा एलन और ओलिविया लिव बचपन से ही गहरी दोस्त हैं। लिव के पेरेंट्स की उस समय मौत हो गई थी जब वह बच्ची थी। वह मेहनत करके सफल वकील बन जाती है। वह परफेक्ट बनने का प्रयास करती है और उसकी आदत हर चीज़ में अपनी मनमर्जी चलाने की है। वह डेनियल विलियम्स से प्रेम करती है, जो एक कंपनी में प्रबंधक है। एमा मिडिल स्कूल में टीचर बन जाती है, जो हर किसी की केयर करती है, लेकिन अक्सर अपनी केयर करना भूल जाती है। उसका बॉयफ्रेंड लेचर लेमसन उसे नियंत्रित करता है और उसके दब्बू स्वभाव का फायदा उठाता है। लगभग 20 साल पहले एमा और लिव ने प्लाज़ा होटल में एक शादी देखी थी और तभी से दोनों वहीं अपनी-अपनी शादियां कराने के सपने देखती हैं। एक दिन दोनों को लिव की अलमारी में एक टिफिन बॉक्स छुपा हुआ मिलता है। दोनों यह सोच कर उत्साहित हो जाती हैं कि डेनियल लिव को प्रपोज़ करने वाला है। लेकिन उस रात लेचर एमा को प्रपोज़ करता है। लिव आग बबूला हो जाती है और अगली सुबह डेनियल से झगड़ा करती है, वह उसी समय प्रोपोज़ कर देता है। अब दोनों एमा व लिव में होड़ लग जाती है कि प्लाज़ा होटल में कौन पहले शादी करे। यह होड़ दोनों दोस्तों को एक-दूसरे का दुश्मन बना देती है।
फ्रेंडशिप ऑडिट क्यों है जरूरी
यह अमेरिकन रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ब्राइड वार्स (2009) का प्लॉट है। इस फिल्म को मैंने कुछ दिन पहले देखा और मैं सोचने लगी कि असुरक्षा की वजह से गहरे दोस्तों में भी प्रतिद्वंद्विता हो सकती है। अगर दोस्ती में गलतफहमी के प्रवेश के हल्के से संकेत पर दोस्त आपस में खुलकर बात नहीं करते हैं तो उनके अंदर की उलझनें व संकोच (या अहंकार) उनके बीच में खाई खोद देते हैं जो निरंतर बढ़ती जाती है। इसलिए दोस्ती का नियमित ऑडिट करना आवश्यक हो जाता है, संबंध को मज़बूती प्रदान करने के लिए। हालांकि वसी सीतापुरी का शेर है- दोस्त फिर दोस्त हैं कैसे इन्हें मैं ठुकराऊं/साथ रहते हैं सदा पांव में छालों की तरह, यानी दोस्त चाहे कैसे ही क्यों न हों उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता, लेकिन ऑडिट में यह भी हो सकता है कि कुछ दोस्तों का त्याग करने की मज़बूरी हो जाये। हर शख्स के दो या तीन ही करीबी दोस्त होते हैं, जिनसे दिल व राज़ की बातें शेयर की जा सकती हैं, जैसा कि बॉलीवुड में आशा पारेख, हेलेन व वहीदा रहमान की दोस्ती की मिसाल दी जाती है। अमेरिकी एक्टर व गायिका सेलिना गोमेज़ का कहना है कि हॉलीवुड में उनकी एकमात्र दोस्त टेलर स्विट (गायिका व गीतकार) हैं। जो दोस्त उन्हें गंभीरता से नहीं लेते उनसे दूरी बनाने के महत्व पर बल देती हुई गोमेज़ कहती हैं, आप वह हैं जिनके साथ आप दिखायी देती हैं … शत प्रतिशत। मेरी तीन अच्छी दोस्त हैं, जिनसे मैं अपने दिल की हर बात शेयर करती हूं।
ग़लत दोस्तियों से किनारा करने के तरीके
आपके साथ वही चंद दोस्त होने चाहिये, जो आपका सम्मान करते हों, आपके लिए अच्छे की आशा करते हों और आप भी उनके लिए सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करती हों। यह सही है। आप निश्चितरूप से अपनी वार्डरोब का ऑडिट करती होंगी और उन चीज़ों को भी बाहर निकालकर फ़ेंक देती होंगी जिनसे कभी आप भावनात्मक रूप से जुड़ी रही होंगी, क्योंकि अब वह ग़ैर-ज़रूरी बल्कि बोझ हो गईं हैं। हर चीज़ की एक एक्सपायरी डेट होती है, संबंध और जीवन की भी। हालांकि दोस्ती में इतनी अधिक शिद्दत से काम नहीं लिया जाता है, लेकिन फ्रेंडशिप ऑडिट के इस आधुनिक दौर में ग़ैर-ज़रुरी दोस्तों से किनारा करने का चलन आम होता जा रहा है। लोग गहराई से अपने सामाजिक सर्किल का मूल्यांकन कर रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि किन दोस्तों से संबंध अधिक गहरे बनाने हैं और किन को छोड़ देना है। क्यों और कैसे? यह काम आसान नहीं है।
इस सिलसिले में मेरे कुछ सुझाव हैं। सबसे पहले तो उन सामान्य कारणों को जान लीजिये जिनकी वजह से दोस्ती पर पुनर्विचार करने की ज़रूरत पड़ती है। वह इस प्रकार से हैं साझा इतिहास की वजह से संबंध को बनाये रखना आवश्यक है। हर मुल़ाकात आपकी ऊर्जा को निचोड़ लेती है और आप आपको ऐसा महसूस होता है जैसे आपने इमोशनल वर्कआउट किया हो। हमेशा आपको ही उससे संपर्क करना पड़ता है या योजनाएं बनानी होती हैं। – आप उनकी मदद करने की कोशिश करती हैं, लेकिन वह बार-बार अपने अस्वस्थ पैटर्न पर लौट जाती हैं। दूसरा यह कि संपर्कों के पुलों को जलाये बिना अपनी दोस्ती पर कार्य कीजिये गलतफहमी के हल्के से संकेत पर आपस में खुलकर बातें कीजिये। अगर दोस्ती एक तरफ झुकती हुई महसूस हो तो स्वस्थ सीमाएं निर्धारित कीजिये। इस बात को समझने का प्रयास करें कि आपकी दोस्त मात्र व्यस्त है या उसे कोई चीज़ परेशान कर रही है। हर दोस्ती में बड़े टकराव की आवश्यकता नहीं होती है, बिना नाटक के राहें बदलना सीखें।
-(अंतरा पटेल)
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