शुगर फ्री मिठाइयों का आनंद लें, मगर सावधानी के साथ
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि डायबिटीज के मरीज़ों के लिए निरंतर अनुशासित रहना सबसे ज़रूरी है, लेकिन इस सजगता और सच्चाई के बावजूद आखिरकार डायबिटीज भी आम लोग होते हैं और त्यौहारों के मौकों पर जब हर कोई मिठाई का लुत्फ उठाता है तो उनके मुंह में केवल बार-बार पानी आता है, बल्कि सारी सजगताएं और अनुशासन अकसर टूट जाते हैं। त्यौहारों में विशेषकर दिवाली में डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए काफी परेशानी का समय होता है।
त्यौहार का माहौल, घर के लोगों की खुशियां और उल्लास उन्हें यह सब तब तक पराया-सा लगता है, जब तक वो भी इस सबमें पूरी तरह से शामिल हों और दूसरे लोगों की तरह खाने-पीने का लुत्फ उठा रहे हों। लब्बोलुआब यह कि दिवाली डायबिटीज के मरीज़ों पर बहुत सख्त गुजरती है। मिठाई को लेकर कड़ा इम्तिहान लेती है, तो क्यों कुछ ऐसा किया जाए कि बाकी लोगों की तरह वे भी मिठाई खा सकें और सब लोगों के साथ दिवाली का जश्न मना सकें। जी हां, दिवाली के समय डायबिटीज फ्री मिठाइयां खायी जा सकती है, लेकिन हम फिर भी कहेंगे कि पहले अपने डॉक्टर से पूछ लें।

शुगर के मरीजों के लिए हैं कुछ हेल्दी मिठाइयाँ
बहरहाल, यदि आप जल्द से जल्द जानने को तैयार हैं कि डायबिटीज के मरीज़ दिवाली के त्यौहार में कौन-कौन-सी मिठाइयां खा सकते हैं, जिससे उन्हें परेशानी न हो तो सबसे पहले बात करते हैं फिरनी की। फिरनी आमतौर पर पश्चिम भारत में ज्यादा मशहूर है, लेकिन अब पूरे भारत में खायी जाती है। यह पीसे हुए चावल से बनती है और इसमें कई ड्राई फ्रूट्स बारीक काटकर डाले जाते हैं। चीनी की जगह इसमें शुगर फ्री पैलेक्स इलायची पाउडर के साथ मिलायी जाती है। यह मिठाई बहुत स्वादिष्ट होती है और करीब 90 फीसदी शुगर फ्री होती है।

शुगर फ्री ड्राई फ्रूट्स लड्डू भी शुगर के मरीज़ों के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसमें खास तौरपर खजूर, किशमिश, काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट, इलायची, अंजीर और खसखस मौजूद होता है। शुगर फ्री ड्राई फ्रूट्स लड्डू बनाने की विधि आप यू-ट्यूब से या किसी जानकार से सीख सकती हैं। दरअसल, शुगर फ्री मिठाइयों में कई तरह के मसाले मिलाए जाते हैं, जैसे- छोटी इलायची, केसर, हल्दी, जायफल, सौंठ, कालीमिर्च, दालचीनी आदि। इन मसालों के मिश्रण से मिठाई कुशल कारीगर ही बना सकते हैं, जो आम तौरपर बड़ी और मशहूर दुकानों पर ही होते हैं।
शुगर फ्री मिठाइयों पर लें चिकित्सकों की राय
शुगर फ्री मिठाइयों के लिए काउंटर होते हैं, वहां मौजूद लोग इनके बारे में जानते भी होते हैं। इसलिए जब भी शुगर फ्री मिठाई खरीदें, तो पहले एक बार अपने डॉक्टर से पूछें और फिर इन दुकानदारों से भी थोड़ी राय ले लें, क्योंकि हाल के सालों में शुगर फ्री काजू, पिस्ता, रोज, केसर, मावा, चॉकलेट बर्फी आदि खाने के बाद बीमारों की शुगर बढ़ी पायी गई, जबकि ये मिठाइयां शुगर फ्री के नाम पर बिक रही थीं।

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वास्तव में शुगर फ्री मिठाइयां खाते समय सिर्फ चीनी का ही ध्यान नहीं रखना चाहिए, बल्कि इनमें मौजूद चिकनाई का भी ध्यान रखें। वैसे यह बात भी सही है कि हर गुजरते दिन के साथ बाजार में शुगर फ्री मिठाइयों की तादाद बढ़ती ही जा रही है। ऐसा स्वाभाविक भी है, क्योंकि देश में शुगर के मऱाजों की संख्या लगातार काफी ज्यादा बढ़ी है। अत: शुगर फ्री मिठाइयां अब महज फैशन नहीं हैं, बल्कि एक तरह की जरूरत भी हैं।
-राजकुमार दिनकर
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