फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी- पेंगुइन पब्लिकेशन और राहुल गांधी

देश के पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे की एक अप्रकाशित किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी क़ाफी चर्चा में है। इस किताब की वजह से कांग्रेस नेताओं की तरफ से संसद में हंगामा हुआ और कई बार सदन स्थगित कर दिया गया। प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी इस किताब को लेकर सरकार को घेरते हुए दिखे लेकिन राहुल गांधी का यह दाव उल्टा साबित होता दिख रहा है क्योंकि किताब को प्रकाशित करने का जिम्मा और कॉपीराइट केवल पेंगुइन पब्लिकेशन को है जिसने साफ-साफ कह दिया कि फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी किताब अभी छपी नहीं है तो राहुल गांधी के पास कैसे पहुंची?

इस पर किताब के लेखक पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे का भी रिएक्शन आया। फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी किताब पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले को लेकर एम एम नरवणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने पेंगुइन पब्लिकेशन के ट्वीट को पोस्ट करते हुए लिखा, पुस्तक की वर्तमान स्थिति यही है। हालांकि नरवणे ने इस मामले और किताब पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा।

इससे पहले पेंगुइन पब्लिकेशन ने भी ट्वीट कर सफाई दी थी कि एक प्री-ऑर्डर वाली किताब और प्रकाशित किताब अलग-अलग चीजें हैं। अगर कोई कॉपी कहीं घूम रही है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन है। कंपनी ऐसी कॉपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। पेंगुइन ने पहले भी 9 फरवरी 2026 को बयान दिया था कि किताब प्रकाशन की प्रािढया में नहीं गई है जो बात राहुल गांधी के सवालों के जवाब में आई है।

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राहुल गांधी ने संसद में किताब की हार्डकॉपी दिखाई

मालूम हो कि यह विवाद लोकसभा में शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में इस किताब की एक हार्डकॉपी दिखाई और कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब उपलब्ध है और इसमें गलवान घाटी विवाद जैसी संवेदनशील बातें हैं। उन्होंने जनरल नरावणे के 2023 के एक पुराने ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें लिखा था कि उनकी किताब अब उपलब्ध है और खरीदने के लिए लिंक दिया था लेकिन उस ट्वीट में प्री-आर्डर जैसा शब्द था जो यह नहीं सिद्ध करता कि किताब प्रकाशित हो गई है जिसके सम्बन्ध में पेंगुइन पब्लिकेशन ने बाकायदा पत्र भी जारी करके स्पष्ट किया है हालांकि राहुल गांधी ने पेंगुइन पब्लिकेशन पर सवाल उठाये है।

संतोष कुमार तिवारी
संतोष कुमार तिवारी

इस मामले को ध्यान में रखकर दिल्ली पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है कि आखिर बिना पब्लिश हुए किताब कैसे राहुल गांधी के पास पहुंच गई जबकि पब्लिकेशन खुद कह रहा है कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है क्योंकि इस किताब में सेना से जुड़ी जानकारी है जिसे प्रकाशित करने से पहले रक्षा मंत्रालय या अन्य संबंधित के अनुमति के बाद ही प्रकाशन संभव है, इसी बीच कांग्रेस नेता फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी किताब को लेकर आाढामक हैं हालांकि पुलिस जांच के बाद ही पता चल सकेगा इस मामले में कौन सच और कौन झूठ बोल रहा है?

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