जीएचएमसी और हैद्रा प्रजावाणी में 283 शिकायतें
हैदराबाद, जीएचएमसी के मुख्यालय तथा जोनल कार्यालयों में प्रजावाणी कार्यालय फिर शुरू हुआ और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी शिकायतें कीं। निगम को कुल 207 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि शिकायतों का समाधान करने में जल्दी करें।
सोमवार को आयोजित प्रजावाणी कार्यक्रम के दौरान 37 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके साथ ही जीएचएमसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 12 ज़ोनों से कुल 170 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें शमशाबाद ज़ोन से 40, कुतुबुल्लापुर ज़ोन से 33, कुकटपल्ली ज़ोन से 24, शेरिलिंगमपल्ली ज़ोन से 18, मलकाजगिरी ज़ोन से 17, उप्पल ज़ोन से 14, एलबी नगर ज़ोन से 11, राजेंद्रनगर ज़ोन से 6, सिकंदराबाद और चारमीनार ज़ोनों से 3-3 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि गोलकोंडा ज़ोन से एक शिकायत दर्ज की गई। जीएचएमसी मुख्यालय के प्रजावाणी कार्यक्रम में अतिरिक्त आयुक्त सुभद्रा देवी, पंकजा और अलिवेलु उपस्थित थे।
जीडिमेटला और प्रगति नगर झील की सुरक्षा पर जोर
इसके अलावा हैद्रा प्रजावाणी कार्यक्रम में 76 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन हैं, जिनमें लोगों ने अपने आस-पास के जलाशयों की सुरक्षा और पुनरुद्धार की मांग की है। जीडिमेटला स्थित फॉक्स सागर, प्रगति नगर झील, काटेधन में नूर मुहम्मदकुंटा, फिल्म नगर झील सहित शहर के विभिन्न हिस्सों से तालाबों और झीलों की सुरक्षा और विकास की मांग से संबंधित आवेदन हैद्रा प्रजावाणी में किये गये हैं।
हैद्रा ने अंबरपेट में बतुकम्मा कुंटा, कुकटपल्ली में नल्ला चेरुवु और पुराने शहर में बमरुकुद्दौला दौला झील को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया है। प्राप्त आवेदनों में लोगों ने उम्मीद जतायी है कि तालाबों की सफाई से दुर्गंध की समस्या का समाधान होगा। प्रजावाणी में सड़कों और पार्कों पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुईं।
हैद्रा आयुक्त एवी रंगनाथ ने शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कुछ मामलों में फील्ड स्तर पर जाकर निरीक्षण करने का आश्वासन भी दिया। जीडिमेटला औद्योगिक क्षेत्र से सटे फॉक्स सागर झील के संबंध में स्थानीय निवासियों ने प्रजावाणी में मांग की कि झील से अतिक्रमण हटाकर उसे टैंकबंड के रूप में विकसित किया जाए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यहां एक हजार से अधिक अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाया जाना चाहिए।
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झील में अतिक्रमण और नुकसान से आजीविका प्रभावित हुई
फॉक्स सागर से सीधे हुसैन सागर तक जाने वाले नाले पर भी कई स्थानों पर अतिक्रमण किये गये हैं। रंगारेड्डी जिले के अब्दुल्लापुर मेट मंडल के गौरेली गांव में स्थित मालाकुंटा झील के विकास की मांग भी की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ लोग झील की मेड़ को तोड़कर पानी बाहर निकाल रहे हैं और अतिक्रमण का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे इसी झील में मछली पालन कर जीवनयापन करते थे, लेकिन अब उनकी आजीविका छिन गई है। उन्होंने झील की मेड़ का तत्काल पुनर्निर्माण करने, झील में डाले गए सीमेंट पाइप हटाने और एफटीएल सीमा के पत्थर लगाकर झील को अतिक्रमण से बचाने की मांग की।
प्राथमिक मत्स्य औद्योगिक संघ के सदस्यों ने इस संबंध में प्रजावाणी में अनुरोध प्रस्तुत किया। इसके अलावा कोंडापुर के सीएमसी लेआउट में सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत की गयी। लोगों ने मांग की कि मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली सड़क बहाल की जाए। साथ ही सीसी सड़क पर मिट्टी डालकर यातायात में बाधा पैदा करने वाले अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गयी। अब्दुल्लापुर मेट मंडल के पेद्दाअंबरपेट गांव में बालाजी लेआउट से सटे ओआरआर सर्विस रोड को जोड़ने वाली 40 फीट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने की शिकायत भी की गई। प्लॉट मालिकों ने बताया कि सड़क पर कब्जा होने से लेआउट के अन्य प्लॉटों तक पहुंच का रास्ता बंद हो गया है।
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