जीएचएमसी डीलिमिटेशन मॉनिटरिंग कमेटी के दल ने की आयुक्त से भेंट

हैदराबाद, भाजपा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम डीलिमिटेशन मॉनिटरिंग कमेटी ने आउटर रिंग रोड के भीतर स्थित 20 नगर पालिकाओं व 7 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों के जीएचएमसी में विलय के बाद म्युनिसिपल संभागों (डिवीजनों) के पुनर्सीमांकन (डीलिमिटेशन) के तहत 150 संभागों को 300 किए जाने की प्रक्रिया में बड़ी खामियों को लेकर आपत्तियाँ जताते हुए जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन से भेंट की।

पूर्व विधायक व भाजपा डीलिमिटेशन मॉनिटरिंग कमेटी के संयोजक एन.वी.एस.एस. प्रभाकर के नेतृत्व में विधान परिषद सदस्य अंजीरेड्डी, कमेटी के सदस्य प्रदेश महासचिव डॉ. एन. गौतम राव, पूर्व महापौर बंडा कार्तिका रेड्डी, चंद्रायणगुट्टा नेता काउडी महेंदर, जीएचएमसी में पार्षद दल की उप नेता वी. राधा धीरज रेड्डी, युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष ए. भानू प्रकाश आदि ने प्रतिनिधिमंडल के तौर पर जीएचएमसी आयुक्त से मुलाकात की।

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प्रभाकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रक्रिया में ढेर सारी आपत्तियाँ दिखाने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस जवाब या प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आड़ में जीएचएमसी परिधि का विस्तार दिखाकर राज्य सरकार हजारों करोड़ रुपये विदेशों से कर्ज लेने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जीएचएमसी को दारूसलाम व गांधी भवन के हाथों में सौपने के उद्देश्य से यह डीलिमिटेशन किया है, लेकिन भाजपा इसे सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह अव्यवस्थित व जनविरोधी प्रक्रिया पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी, क्योंकि सरकार ने इस पर न राजनीतिक दलों की राय ली है, न जनता की। महापौर व अधिकारियों को तक को इसकी भनक नहीं है।

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