नयी दिल्ली, सरकार ने सस्ते हीरों से जड़े चांदी के आभूषणों के आयात पर इस वर्ष 30 जून तक ‘अंकुश’ लगा दिया है। एक अधिसूचना में यह कहा गया। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने कहा, ‘‘इन वस्तुओं की आयात नीति को तत्काल प्रभाव से 30 जून, 2026 तक मुक्त से अंकुश में डाल दिया गया है।’’ एक उद्योग विशेषज्ञ के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य आसियान देशों से चांदी के आयात को कम करना है।
आयात नीति में किया गया बदलाव
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने जानकारी दी है कि इन उत्पादों की आयात नीति को मुक्त कैटेगरी से बदलकर अंकुश कैटेगरी में डाल दिया गया है। पहले मुक्त श्रेणी में होने के कारण व्यापारी बिना किसी खास अनुमति के इन आभूषणों का आयात कर सकते थे। लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयात करने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और 30 जून 2026 तक जारी रहेगा।
सरकार के फैसले के पीछे की वजह
उद्योग से जुड़े एक विशेषज्ञ का मानना है कि सरकार का यह कदम खास तौर पर आसियान (ASEAN) देशों से हो रहे चांदी के आभूषणों के आयात को कम करने के लिए उठाया गया है। पिछले कुछ समय से इन देशों से सस्ते दामों पर चांदी के आभूषण बड़ी मात्रा में भारत आ रहे थे, जिससे घरेलू उद्योग पर दबाव बढ़ रहा था। स्थानीय कारीगरों और निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ रहा था।
घरेलू उद्योग को मिलेगा सहारा
इस फैसले से देश के चांदी के आभूषण बनाने वाले कारीगरों और व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। जब विदेशी सस्ते आभूषणों का आयात कम होगा, तो घरेलू उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। इससे स्थानीय उद्योग को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
व्यापार पर पड़ेगा असर
हालांकि, इस निर्णय का असर आयात-निर्यात से जुड़े व्यापारियों पर भी पड़ेगा। जो व्यापारी अब तक इन सस्ते आभूषणों को विदेशों से मंगाकर बेचते थे, उन्हें अब नई नीति के अनुसार काम करना होगा। उन्हें आयात के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ सकते हैं।
आगे की स्थिति पर नजर
सरकार ने यह कदम अस्थायी रूप से 30 जून 2026 तक लागू किया है। इस दौरान सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। अगर यह नीति सफल रहती है और घरेलू उद्योग को फायदा मिलता है, तो भविष्य में इसे आगे भी जारी रखा जा सकता है। (भाषा)
