साइबराबाद में जीएसटी और विजिलेंस छापों से करोड़ों का घोटाला उजागर
हैदराबाद, राज्य में आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई में साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध विंग और सतर्कता एवं प्रवर्तन (विजिलेंस) विभाग ने अलग-अलग मामलों में करोड़ों रुपये के घोटालों का पर्दाफाश किया है।
साइबराबाद पुलिस की आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने अंतरराज्यीय जीएसटी घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य फरार हैं।
अंतरराज्यीय जीएसटी घोटाला-11.79 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर
विंग के एसीपी एस. रवींदर ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी जीएसटी पंजीकरण के जरिए 11.79 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात और आबिड्स के सोहेल मरादली लखानी उर्फ सोनू (34) और अदीकमेट निवासी दस्तावेज लेखक मोहम्मद अकरम हसनुद्दीन (43) शामिल हैं।
घोटाले के मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी अब्दुल्ला, सैयद मुजतबा हुसैनी उर्फ आजम और राजशेखर फिलहाल फरार हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 10 फर्जी कंपनियों का पंजीकरण कराकर जीएसटी नंबर प्राप्त किया था और यहां तक कि जीएचएमसी तथा लेबर विभाग से भी इन कंपनियों के नाम पर लाइसेंस हासिल किए थे।
सूचना मिलने पर की गई छापेमारी में पता चला कि गिरोह ने अब तक कुल 52 फर्जी कंपनियों का पंजीकरण कराया था।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को ट्रांजिट वारंट पर साइबराबाद लाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विजिलेंस विभाग के राज्यव्यापी छापे – 21 करोड़ की अनियमितताएं उजागर
इसी क्रम में, सतर्कता एवं प्रवर्तन विभाग (Vigilance & Enforcement) के अधिकारियों ने राज्यभर के कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर करीब 21 करोड़ रुपये की धांधली का पर्दाफाश किया।
विभाग की महानिदेशक शिखा गोयल ने बताया कि निर्मल जिले के कट्टा बालाजी राइस मिल पर छापेमारी में मालिक द्वारा 2684 मीट्रिक टन सीएमआर धान (6.22 करोड़ रुपये) के अवैध डायवर्जन का मामला सामने आया।

हैदराबाद ग्रामीण यूनिट ने गुप्त सूचना के आधार पर शमशाबाद में 15 टन पीडीएस चावल से भरा डीसीएम वाहन (TS07 UE 8883) पकड़ा। चालक प्रेम कुमार को गिरफ्तार कर पुलिस को सौंपा गया और बरामद चावल नागरिक आपूर्ति विभाग को सौंपे गए।
हैदराबाद-2 यूनिट ने परिवहन और खनन विभाग के साथ मिलकर कोडंगल मार्ग पर कार्रवाई करते हुए 2.8 लाख रुपये का जुर्माना ओवरलोड व टैक्स चोरी के मामलों में वसूला तथा 40 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना रॉयल्टी उल्लंघन पर लगाया।
साथ ही, बिना दस्तावेजों के एक वाटर टैंकर और 17 वाहन जब्त कर संबंधित थानों में भेजे गए।
वनपर्ती जिले के पेदमंडड़ी क्षेत्र में वाराही राइस मिल और चामुंडी राइस मिल पर छापेमारी में 1,47,375 बोरियों के सीएमआर धान का रिकॉर्ड गायब पाया गया।वहीं, संगारेड्डी जिले की आरसी पुरम यूनिट ने कन्याका परमेश्वरी एग्रो इंडस्ट्रीज में छापेमारी कर 3752.80 क्विंटल (9382 बोरी) चावल के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई।
विभाग ने बताया कि विभिन्न जिलों में हुई इन कार्रवाईयों के दौरान कुल 21 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध सामग्री और संपत्तियां जब्त की गईं।
राज्य में आर्थिक अपराधों पर सख्त निगरानी
साइबराबाद पुलिस और विजिलेंस विभाग की इन संयुक्त कार्रवाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार आर्थिक अपराधों, कर चोरी और अवैध धान-चावल व्यापार पर सख्ती से नजर रखे हुए है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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