हथकरघा प्रदर्शनी में 21 राज्यों के बुनकर और कारीगर होंगे शामिल

नयी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी में 21 फरवरी से दो मार्च तक आयोजित होने वाली विशेष हथकरघा प्रदर्शनी में 21 राज्यों के बुनकर और कारीगर समूह हिस्सा लेंगे। इस प्रदर्शनी का मकसद स्वदेशी हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देना, बुनकरों और ग्राहकों के बीच सीधे बाजार संपर्क बनाना और देशभर के कारीगरों के लिए रोजी-रोटी के मौके मजबूत करना है।
जनपथ के हथकरघा हाट में होने वाली प्रदर्शनी में आगंतुक सीधे बुनकरों से उत्पादों खरीद सकेंगे, जिसमें हथकरघा साड़ियां, ड्रेस सामग्री, घरेलू साज-सज्जा की वस्तुयें, शॉल और हथकरघा कपड़े शामिल हैं। प्रदर्शनी की आयोजक संस्था ‘राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम’ (एनएचडीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बुनकरों को प्रत्यक्ष बिक्री मंच देना हथकरघा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि इससे वे सही कीमत सुनिश्चित करते हुए अपना ग्राहक आधार बढ़ा सकते हैं।
हथकरघा भारत के सबसे बड़े कुटीर उद्योग में से एक है, जो लाखों बुनकरों और उससे जुड़े मज़दूरों को रोज़गार देता है। इस तरह की प्रदर्शनी जैसे आयोजन पारंपरिक हुनर को बचाने, पर्यावरण अनुकूल उत्पादन के तरीकों को बढ़ावा देने और देश की बुनाई की परंपराओं की विविधता को दिखाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
यह भी पढ़े : दुबई से बेटे का शव लाने की मांग पर केंद्र से जवाब तलब
भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के तहत वर्ष 1983 में गठित राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, देशभर में बुनकरों के लिए कच्चा माल, विपणन समर्थन एवं दक्षता विकास तथा डिजिटल सशक्तिकरण की पहल करके हथकरघा क्षेत्र को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाता है। (भाषा)
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



