हरिप्रसाद बद्रुका मेमोरियल व्याख्यान : विश्व गुरु बनने के लिए सुरक्षा और नवाचार आवश्यक
हैदराबाद, सेठ घासीराम गोपीकिशन बद्रुका एजुकेशनल सोसाइटी (एसजीजीबीईएस) और बद्रुका कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड आर्ट्स (बीसीसीए) द्वारा संयुक्त रूप से काचीगुड़ा स्थित बद्रुका कॉलेज सभागार में आयोजित हरिप्रसाद बद्रुका तृतीय मेमोरियल व्याख्यान में डीआरडीएल के पूर्व निदेशक और प्रख्यात रक्षा वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ. प्रह्लाद रामाराव ने कहा कि भारत के पास विश्व गुरु बनने के लिए नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र है, लेकिन इससे पहले सुरक्षा आती है, जिस पर विशेष बल देना होगा।





डॉ. प्रह्लाद रामाराव ने मुख्य वक्ता के रूप में सभा को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिन्दूर एंड बियॉन्ड विषय पर मुख्य भाषण में आकाश मिसाइल परियोजना की जटिलताओं को सरल बनाते हुए इसके रणनीतिक महत्व और ऑपरेशन सिन्दूर में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। वैश्विक परिदृश्य में भारत के उत्थान पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश के पास विश्वगुरु के रूप में उभरने के लिए आवश्यक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस स्थिति को प्राप्त करना सुरक्षित भारत सुनिश्चित करने से शुरू होता है, जो पूरी तरह से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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भविष्य के युद्ध और अंतरिक्ष पर भारत की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश
वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे जन सुखिनो भवन्तु के भारतीय लोकाचार का आह्वान करते हुए डॉ. रामाराव ने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में योगदान करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को भारतीय उत्पादों का समर्थन करने, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और अंतविषय सोच को बढ़ावा देने की सलाह दी।
भविष्य के युद्ध परिदृश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आगामी संघर्षों को अंतरिक्ष में आकार दिया जाएगा और ऊर्जा व अर्थव्यवस्था में भारत की प्रगति इसके वैश्विक नेतृत्व को निर्धारित करेगी। डॉ. राव ने संस्थान को अकादमिक सिलेबस से आगे बढ़ने और वाणिज्य, प्रौद्योगिकी और विज्ञान को एकीकृत करने वाले अंतविषय पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय विकास के लिए अनिवार्य है।
कार्यक्रम प्रार्थना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ। एसजीजीबीईएस के सचिव श्रीकिशन बद्रुका ने स्वागत भाषण दिया। मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों द्वारा डॉ. रामाराव का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का समापन एसजीजीबीईएस के महानिदेशक प्रो. एस. अभिराम कृष्ण के धन्यवाद प्रस्ताव और राष्ट्रगान के साथ हुआ। अवसर पर अध्यक्ष लक्ष्मीनिवास शर्मा, संयुक्त सचिव रवि बद्रुका, कोषाध्यक्ष राजेंद्र बद्रुका, बीसीसीए प्राचार्य डॉ. बी. मोहन कुमार, उप-प्रिंसिपल-शैक्षणिक डॉ. एम. जानकी राम, उप प्रिंसिपल-एडमिन डॉ. पी. वेंकटैया, संकाय एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
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