परगी जाते समय हरीश व अन्य नेता गिरफ्तार

हैदराबाद, परगी में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर किसानों से मिलने के लिए गये बीआरएस के विधानसभा में उप-नेता टी. हरीश राव सहित कई अन्य नेताओं को पुलिस ने नारसिंगी के टीएसपीए जंक्शन पर गिरफ्तार कर लिया।

यहां बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने किसानों से मिलकर परगी मंडल में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क परियोजना के लिए 1,200 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ उनके साथ एकजुटता दिखाने की योजना बनाई थी। इसके लिए पूर्व मंत्री पी.सबिता इंद्रा रेड्डी और एर्राबेली दिवाकर राव के साथ हरीश राव और बीआरएस के अन्य नेता जब परगी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विकाराबाद जिले में पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

टीएसपीसी जंक्शन पर पुलिस ने बीआरएस काफिले की यात्रा रोकी

पुलिस ने टीएसपीसी जंक्शन पर उनके काफिले को रोककर उनकी आगे की यात्रा में बाधा डाली। जब पुलिस ने हरीश राव को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो बीआरएस समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके कारण वहाँ तीखी बहस होने के चलते तनावपूर्ण स्थिति बन गई। आखिरकार, विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, पुलिस ने हरीश राव और अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि उन्होंने पहले से यह जानकारी नहीं दी कि उन्हें किस पुलिस थाने ले जाया जा रहा है, लेकिन पास के नारसिंगी पुलिस थाने ले जाने के बजाय बीआरएस नेताओं को आउटर रिंग रोड (ओआरआर) के रास्ते शमशाबाद की ओर मोड़ दिया गया। इसके जवाब में बीआरएस समर्थकों ने अपने वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए टीएसपीए जंक्शन पर धरना प्रदर्शन किया और सड़क को जाम कर दिया। ये गिरफ्तारियाँ बीआरएस नेताओं पर लगाए गए व्यापक प्रतिबंधों के बीच हुईं।

इससे पहले हरीश राव, सबिता इंद्रा रेड्डी और पूर्व रंगारेड्डी जिले के कई अन्य नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया था। इसके अलावा, परगी के पूर्व विधायक कोप्पुला महेश रेड्डी को भी हिरासत में लेकर एक पुलिस केंद्र ले जाया गया, जबकि पार्टी नेता शुभप्रद पटेल को भी हिरासत में ले लिया गया। दिन की शुरुआत से ही पुलिस ने हैदराबाद में हरीश राव के आवास के बाहर भी भारी संख्या में बल तैनात कर दिया था, ताकि उन्हें किसानों के विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में परगी जाने से रोका जा सके।

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परगी में किसानों की हिरासत, विरोध में कार्यकर्ता पुलिस पहुंचे

उल्लेखनीय है कि परगी में बीती रात पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया था। पुलिस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। भूमि अधिग्रहण को लेकर बीते कुछ दिनों से परगी में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने विधानसभा में पार्टी के उप नेता टी. हरीश राव, सबिता इंद्रा रेड्डी सहित बीआरएस के प्रमुख नेताओं की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।

केटीआर ने बीआरएस नेताओं की गैर-कानूनी नजरबंदी और हिरासत को कांग्रेस सरकार का कायरतापूर्ण कृत्य बताते हुए कहा कि ये नेता परगी में अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे किसानों के साथ एकजुटता दिखाने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पुलिस की ज़ोर-ज़बरदस्ती से विरोध की आवाज़ों को दबाने की कोशिश करना लोकतंत्र की हत्या से कम नहीं है।

केटीआर ने सरकार पर वादों से मुकरने और औद्योगिक विकास की आड़ में किसानों की जमीनों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने परगी विधानसभा क्षेत्र के कल्लापुर और रापोले गाँवों में किसानों की 1,200 एकड़ ज़मीन पर जबरदस्ती कब्जा करने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कब्ज़ा एक औद्योगिक पार्क स्थापित करने के बहाने किया गया, जिसका विरोध किसान कर रहे हैं। बीआरएस के नेता किसानों के साथ हैं।

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