शिव कथा श्रवण से मिटते हैं जन्म जन्मांतर के पाप : राधारमणजी

हैदराबाद, जो मनुष्य शिव कथा सुन ले, वह साधारण नहीं रहता। वह रुद्र के समान हो जाता है। शिव का अंश बन जाता है। इसमें कोई संशय नहीं है। शिव कथा श्रवण कर जीव जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट कर सकता है। उक्त उद्गार बेगम बाजार स्थित माहेश्वरी भवन में मारवाडी संगठन द्वारा आयोजित महादेव महाकथा शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस कथा की महत्ता बताते हुए कथावाचक पूज्य सुश्री देवी सात्विका राधारमण जी ने दिये।

सात्विका राधारमण जी ने कहा कि शिव कृपा हुई तभी कथा श्रवण का पुण्य प्राप्त हुआ है। शिव की कृपा से श्रावण मास में बेगम बाजार में कथा का श्रवण कर रहे हैं। भोलेनाथ बहुत ही भोले हैं। महादेव को प्रसन्न करना आसान है। राक्षस, दैत्य बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने में लगे रहते थे। उनसे वरदान मांगते थे, क्योंकि वे जानते थे कि केवल महादेव ऐसे देव हैं जो सभी के लिए समान हैं। सभी के स्वामी हैं। रावण महादेव की आराधना करता था। महादेव जैसा भोला कोई देव नहीं है। हम सभी विश्वास लेकर कथा में बैठे हैं। शिव कथा सुनने से 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन का फल मिलता है। जो व्यक्ति शिव महापुराण का आयोजन करता है, उसे शिव मंदिर निर्माण का फल प्राप्त होता है।

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शिव कथा का पुण्य यज्ञों से भी श्रेष्ठ: सात्विकाजी

सात्विकाजी ने आगे कहा कि हम कथा सुन रहे हैं। यह साधारण किताब के पन्ने नहीं, बल्कि स्वयं शिव और पार्वती हैं। धरती के सभी दान का जो फल मिलता है, जितने यज्ञ का पुण्य मिलता है, वही पुण्य शिव कथा श्रवण करने से प्राप्त होता है। जैसे कल्प वृक्ष के नीचे कुछ भी मांगें, वह मनोकामना पूर्ण होती है वैसे ही शिव कथा में जिस कामना को लेकर बैठते हैं, वह पूर्ण होती है। सैकड़ों अग्नि के यज्ञ का पुण्य शिव महापुराण की कथा सुनने से प्राप्त होता है।

अवसर पर मुख्य यजमान सीताराम अमरचंद धूत, प्रभुदयाल पंच परिवार, राजाराम कमल काबरा, सह यजमान सत्यनारायण प्रकाश चिंतलांगिया, रामनिवास दीपक कुमार बल्दवा, रमेश अभिषेक पारीक, प्रदीप कुमार रजनी माथुर, विशेष सहयोगी महाकाल दरबार यजमान रामनारायण जगदीशप्रसाद कच्छवाह, विशेष सहयोगी श्याम बाहेती, आज के प्रसाद यजमान हरिप्रसाद आशीष कुमार कालिया, गोविन्दलाल आशीष कुमार असवा, संगठन के अध्यक्ष हेमंत सारडा, मंत्री आनंद बजाज, कोषाध्यक्ष रमाकांत बजाज, प्रधान संयोजक अनिल गटानी, अनुराग झंवर व उपाध्यक्ष नवल भांगडिया भी उपस्थित थे।

महाकाल दरबार में भस्म आरती व कलश यात्रा का आयोजन

कार्यक्रम में आशीष कालिया, सह-मंत्री अनिल मंत्री, सह-कोषाध्यक्ष प्रदीप झंवर, कार्यक्रम मेंसंगठन प्रभारी कमल राठी, संयोजक दीपक बल्दवा, मनोहर नागला, मारुति बल्दवा, निखिल कलंत्री, सुनील धूत, रमेश राठी, लक्ष्मीकांत काबरा, गौरव लोया, राहुल भांगडिया, संकेत राठी, मनीष गांधी, राम जोशी, सुनील मंत्री, महिला संयोजक निशा सारडा, प्रीति भंडारी, भारती लोया, सपना चितलांगी, ममता राठी, श्वेता बजाज, राधिका गटानी, मधु भांगडिया, ज्योति मंत्री, माधुरी कालिया, सरिता लोया व अन्य ने सहयोग प्रदान किया।

कथा से पूर्व कलश यात्रा नया बाजार, नर्सिंग मंदिर, शंकर बाजार से बेगम बाजार स्थित माहेश्वरी भवन तक भव्यता से निकाली गई, जिसमें महिलाओं व पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में जयकारों के साथ भाग लिया। भाग्यनगर में पहली बार महाकाल दरबार में भस्म आरती प्रतिदिन दोपहर 2 बजे होगी। इसके अतिरिक्त गौ कुटीर परिक्रमा लव फॉर काऊ फाउंडेशन के सहयोग से लगाई गई है। अवसर पर तिरुमला तिरुपति देवस्थान धर्म प्रचार मंडली के सदस्य स्वामी कमलेश महाराज, लव फॉर काऊ फाउंडेशन के चेयरमैन जसमत पटेल, ट्रस्टी रिद्धिश जागीरदार, रंजना शाह, मुकेश जैन चौहान, ऑल इंडिया ओल्ड टेम्पल रेनोवेशन ट्रस्ट के चेयरमैन आर के जैन ने समेत बड़ी संख्या में कथाप्रेमियों की उपस्थिति रही।

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