हैदराबाद नुमाइश: हर रात इन यादगार बॉलीवुड गीतों के साथ होता है समापन

हैदराबाद, हैदराबाद के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मेले नुमाइश (ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल एग्ज़ीबिशन) की एक खास पहचान उसकी संगीतमय परंपरा है। यहां हर रात मेला सिर्फ बंद नहीं होता, बल्कि एक भावनात्मक एहसास के साथ विदा लेता है।

रात करीब 11 बजे, मेले के समापन का संकेत देने के लिए लता मंगेशकर की आवाज़ में फिल्म ‘पाकीज़ाह’ (1972) का अमर गीत “चलते चलते यूँ ही कोई मिल गया था…” बजाया जाता है। जैसे ही गीत की पंक्तियां “ये चिराग बुझ रहे हैं…” गूंजती हैं, मेले की लाइटें धीरे-धीरे बुझने लगती हैं और दर्शक भारी मन से बाहर निकलते हैं। यह गीत वर्षों से नुमाइश की सबसे मजबूत पहचान बना हुआ है।

इसके अलावा, नुमाइश में बजने वाले पसंदीदा गीतों की सूची में एक और गीत शामिल है, जिसे हैदराबादी लोग बेहद पसंद करते हैं। फिल्म ‘तीसरी कसम’ का मशहूर गीत “साजन रे झूठ मत बोलो…”, जिसे स्थानीय लोग प्यार से “भुट्टो गाना” भी कहते हैं, नुमाइश के माहौल में अक्सर सुनने को मिलता है। यह गीत हैदराबादियों के बीच खास लोकप्रिय है और मेले की नॉस्टैल्जिक फील को और गहरा कर देता है।

नुमाइश के इन-हाउस रेडियो स्टेशन पर आमतौर पर पुराने और सदाबहार बॉलीवुड गीतों की ही प्लेलिस्ट चलाई जाती है, जिससे मेला सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि यादों, भावनाओं और हैदराबादी संस्कृति से जुड़ा एक अनुभव बन जाता है।

यही वजह है कि नुमाइश का जिक्र होते ही इन गीतों की धुनें अपने आप ज़ेहन में गूंजने लगती हैं।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button