हैदराबाद जू में सर्दियों की तैयारियाँ तेज़ वन्यजीवों की सुरक्षा प्राथमिकता

हैदराबाद, सर्दियों की शुरुआत के साथ ही नेहरू जूलॉजिकल पार्क, हैदराबाद ने सभी वन्यजीवों को ठंड से बचाने के लिए व्यापक और उन्नत इंतज़ाम कर लिए हैं। पार्क की क्यूरेटर श्रीमती जे. वसंथा (IFS) खुद तैयारियों की निगरानी कर रही हैं और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लगातार पशुओं के स्वास्थ्य और व्यवहार पर नज़र रखें।

आवासों में गर्मी और सुरक्षा की व्यवस्था

पार्क प्रशासन ने बताया कि तापमान गिरने के साथ कई प्रजातियाँ ठंड के प्रति संवेदनशील होती हैं। इसलिए मांसाहारी जीवों, प्राइमेट्स (बंदर प्रजाति) और भालुओं के नाइट हाउस में हीटर लगाए गए हैं। बड़े और छोटे बिल्लियों, प्राइमेट्स और भालुओं के इनक्लोज़र को अतिरिक्त गनी रोल और अन्य गर्म सामग्री से ढककर सुरक्षित बनाया गया है ताकि ठंडी हवाएँ अंदर न जा सकें।

ठंडी हवाओं से बचाव हेतु विशेष कवरिंग

प्राइमेट हाउस को हरे शेड नेट से ढका गया है, जबकि मांसाहारी जीवों के नाइट हाउस को मोटे गनी कपड़े से कवर किया गया है, जिससे उन्हें निमोनिया या ठंड से संबंधित बीमारियों से बचाया जा सके। पक्षियों के घोंसलों को लगभग 75 प्रतिशत तक शेड नेट और गनी रोल से सुरक्षित किया गया है। इसके अलावा गिद्ध इनक्लोज़र और क्वारंटीन वार्ड को भी आंशिक रूप से ढका गया है। ठंड से अत्यधिक प्रभावित होने वाले पक्षियों जैसे मैकाउ और कॉकाटू को इंसुलेटेड नेस्ट बॉक्स प्रदान किए गए हैं। वहीं गिलहरी बंदर, मार्मोसेट और जाइंट स्क्विरल को लकड़ी के बॉक्स, सूखे पुआल तथा आंशिक रूप से ढके इनक्लोज़र देकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया है।

सरीसृपों की गर्माहट और सुरक्षा

सरीसृपों के लिए उनके नाइट हाउस में सूखे पत्ते, 100-वॉट के बल्ब, छोटे मिट्टी के बर्तन और डेंस उपलब्ध कराए गए हैं ताकि उन्हें पर्याप्त गर्मी मिल सके। माउस डियर ब्रीडिंग सेंटर को शेड नेट व सूखे पुआल से पूरी तरह सुरक्षित किया गया है। वहीं ज़ेब्रा एनक्लोज़र को गनी रोल और मुलायम इंसुलेटेड सामग्री से ढका गया है, जिससे ठंड के साथ-साथ संभावित चोटों से भी बचाव हो सके।

अन्य महत्वपूर्ण कदम

हाथी और जिराफ़ हाउस में मच्छरों तथा ठंड से बचाव के लिए नीम की पत्तियाँ जलाई जा रही हैं। टाइगर मोअट, लायन मोअट, समर हाउस, सफारी पार्क सहित कई अन्य प्रमुख स्थानों पर हीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा नोक्तुर्नल एनिमल हाउस में नवंबर से फरवरी तक एयर कंडीशनिंग बंद रखी जाएगी ताकि तापमान संतुलित बना रहे। मांसाहारी जीवों के नाइट हाउस में लकड़ी के तख्ते बिछाए गए हैं ताकि उनके पैरों में ऐंठन न हो।

सभी शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों को B-Complex और कैल्शियम सप्लीमेंट उनके भोजन और पानी में मिलाकर दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सर्दियों में मजबूत बनी रहे।

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