भारत ने ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में लिया भाग
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित किए गए बोर्ड ऑफ पीस की उद्घाटन बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। अमेरिका के शांति भवन में हुई इस बैठक पर भारत, चीन, रूस समेत दुनिया के कई देशों की नजरें टिकी रहीं। गाजा पर गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की उद्घाटन बैठक में भारत पर्यवेक्षक के रूप शामिल हुआ है।
‘डोनाल्ड जे. ट्रंप इंस्टीट्यूट ऑफ पीस’ में आयोजित बैठक में उपस्थित लोगों की सूची के अनुसार, भारत का प्रतिनिधित्व वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास की प्रभारी राजनयिक नामग्या खम्पा ने किया। भारत, ट्रंप द्वारा गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल नहीं हुआ है।
अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा
अमेरिका राष्ट्रपति ने इस बैठक में गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की है। ट्रंप ने बताया कि 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने उद्घाटन बैठक में भाग लिया, जिनमें कई राष्ट्राध्यक्ष शामिल थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद रहे, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व अमेरिका में भारतीय उप राजदूत नामग्या खम्पा ने किया।
ट्रंप ने दावा किया कि गाजा का युद्ध खत्म हो चुका है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अब दुनिया हमास के कदम का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि हमास से हथियार डालने की उम्मीद है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले अक्टूबर से लागू संघर्षविराम कायम है और सभी शेष बंधकों जीवित और मृत को वापस लाया जा चुका है।
कई देशों ने किया सहयोग
अमेरिकी राष्ट्रपति बैठक के दौरान बताया कि कजाखस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत सहित कई देशों ने राहत पैकेज के लिए 7 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय गाजा सहायता के लिए 2 अरब डॉलर जुटा रहा है, जबकि फीफा 7.5 करोड़ डॉलर की परियोजनाएं शुरू करेगा।
अल्बानिया, कोसोवो सैनिक बल भेजने को तैयार
ट्रंप ने बताया कि अल्बानिया, कोसोवो और कजाखस्तान गाजा में स्थिरता के लिए सैनिक और पुलिस बल भेजने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मिस्र और जॉर्डन भी विश्वसनीय फिलिस्तीनी पुलिस बल के प्रशिक्षण और समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अपने संबोधन में ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों देशों से तनाव कम करने का आग्रह किया था। उन्होंने दावा किया कि यदि दोनों देश संघर्ष जारी रखते तो वे उन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर विचार करते। उन्होंने दोनों को परमाणु संपन्न राष्ट्र बताते हुए स्थिति की गंभीरता का उल्लेख किया।(PTI)
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