दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय हथियार गिरोह का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार, 23 हथियार जब्त

नयी दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने उत्तर भारत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।

एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने 23 अत्याधुनिक हथियार और 92 कारतूस जब्त किए। उन्होंने कहा कि यह गिरोह पूरे उत्तर भारत में सक्रिय था और सीमा पार से हथियार प्राप्त करता था। इसका संचालन राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामले में पेरौल लेकर फरार हुआ भगोड़ा अपराधी शाहबाज अंसारी और उसका चाचा रेहान अंसारी कर रहा था। रेहान भी भगोड़ा अपराधी है।

पुलिस ने पिछले पखवाड़े में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में समन्वित अभियानों चलाए जिसके तहत गिरफ्तारियां और जब्ती हुई। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने विदेशी निर्मित हथियार हासिल किए, जिन्हें कथित तौर पर नेपाल सीमा के रास्ते भारत में लाया गया और उनकी दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में आपराधिक नेटवर्क को आपूर्ति की गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘नेटवर्क में एक सुव्यवस्थित पदानुक्रम था और आरोपियों ने पुलिस से पकड़े जाने से बचने के लिए ‘एन्क्रिप्टेड संचार’ मंचों का इस्तेमाल किया।’

गिरोह में अलग-अलग भूमिकाओं में सक्रिय थे सदस्य

यह कार्रवाई 14 अप्रैल को उस्मानपुर से फरदीन (22) की गिरफ्तारी के साथ शुरू हुई, जिसके पास से पुलिस ने एक अर्धस्वचालित पिस्तौल और कारतूस बरामद किए। पुलिस ने बताया कि फरदीन से पूछताछ के बाद वसीक, वसीम मलिक, अमन उर्फ अभिषेक, आदिल, मोहम्मद अहमद, राहिल, इमरान और विशाल सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने विदेशी निर्मित सहित 18 अर्धस्वचालित पिस्तौल, दो देसी शॉटगन, तीन देसी कट्टे, 92 कारतूस और छह मैगज़ीन बरामद कीं।

पुलिस ने मोबाइल फोन, आपत्तिजनक डेटा रखे लैपटॉप और हथियार मरम्मत के उपकरण भी जब्त किए। जांच में पता चला कि शाहबाज मुख्य संचालक था, जबकि रेहान इस गिरोह के लिए साजो समान, वित्त और संचार का समन्वय करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की हथियार खरीदने, खेप पहुंचाने और आपराधिक गिरोहों में इसे वितरित करने की अलग अलग भूमिकाएं थीं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कई लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें हत्या, हथियार तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्तता शामिल है। पुलिस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने, और साथियों की पहचान करने और फरार सरगनाओं को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है। (भाषा)

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