हैदराबाद , विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (भारास) के सचेतक के.पी. विवेकानंद गौड़ ने तेलंगाना जागृति की संस्थापक व एमएलसी के. कविता से प्रश्न किया कि आश्चर्य है बीआरएस से कोई संबंध नहीं है कहने वाली कविता को बीआरएस की आलोचना अब क्यों करनी पड़ी?
भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए विवेकानंद गौड़ ने कहा कि स्पष्ट नजर आ रहा है कि कविता कांग्रेस के ट्रैप में आ चुकी हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि पूर्व केसीआर शासन के दौरान 10 सालों तक पार्टी में रहीं कविता ने सांसद व विधान परिषद सदस्य का पद संभाला। वह जो आरोप लगा रही हैं, वह तब क्यों नजर नहीं आए? उन्होंने कहा कि यदि कविता को राजनीतिक पार्टी बनानी है तो बनाएँ, परंतु निर्माणात्मक आलोचना करें तो ठीक होगा।
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विवेकानंद गौड़ ने कहा कि पिता व भाई पर आरोप लगाने से पहले विचार करें सभ्य समाज क्या समझेगा? जुबली हिल्स उपचुनाव में बीआरएस ने प्रचार में जिस प्रकार का प्रदर्शन किया, उससे कांग्रेस के पसीने छूट गए। हार के डर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को गली-गली घूमना पड़ा, अल्पसंख्यक मंत्री के तौर पर मोहम्मद अजहरुद्दीन को पद देना पड़ा। उन्होंने कहा कि केसीआर किसी हाल फिर मुख्यमंत्री बनेंगे, यह जनता ने ठान लिया है।
