कविता ने केटीआर व हरीश पर फोड़ा हार का ठीकरा
हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की संस्थापक व विधान परिषद सदस्य के. कविता ने जुबली हिल्स उप चुनाव में बीआरएस की हार को लेकर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री के. तारक रामाराव व पूर्व मंत्री टी. हरीश राव को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया के भरोसे रही पार्टी ने एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम नहीं किया, जिसके चलते यह परिणाम प्राप्त हुए।
तेलंगाना जागृति जनम बाटा यात्रा के तहत मेदक जिले के दौरे पर गईं कविता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जुबली हिल्स उप चुनाव में बीआरएस की हार के पीछे कई कारण हैं, काफी षड्यंत्र हुए हैं, समय आने पर वह सब बताएँगीं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में कांग्रेस के खिलाफ हवा चल रही है, फिर भी उसे बहुमत प्राप्त हुआ। इसका अर्थ मुख्य विपक्षी पार्टी को तौर पर बीआरएस ने सही काम नहीं किया।
कविता ने कहा कि यदि विपक्षी दल के तौर पर जीतने के लिए काम किया जाता, तो चुनावी रिजल्ट अलग ही होता। उन्होंने कहा कि बीआरएस विपक्ष के तौर पर मजबूत हुई तो ठीक, नहीं तो तेलंगाना जागृति राज्य में मुख्य विपक्षी दल बनेगी। बीआरएस के हजारों कार्यकर्ता तेलंगाना जागृति में आने तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केटीआर सोशल मीडिया व ट्विटर से बाहर निकलें और मैदान पर उतरकर काम करें।
स्वतंत्र प्रत्याशियों को समर्थन पर हरीश राव की भूमिका पर उठे सवाल
केटीआर और हरीश राव सोशल मीडिया पर बिल्डअप दे रहे हैं, यह बंद करें। केटीआर और हरीश राव केसीआर की आँखों पर पट्टी बांधकर नेताओं को बचा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इन दोनों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जुबली हिल्स उप चुनाव के कुछ स्वतंत्र प्रत्याशी नामांकन वापस लेने के बाद उनके (कविता के) पास आए और पूछा कि किसे समर्थन दें, तो कह दिया कि वह बीआरएस में नहीं हैं, इसलिए जो मर्जी उसे समर्थन दें।
कविता ने बताया कि वही लोग जब हरीश राव के पास गए और प्रश्न किया, तो उनसे भी वही जवाब मिला कि आपकी मर्जी चाहे उसे समर्थन दें। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि हरीश राव तो बीआरएस के प्रमुख नेता हैं। उनके द्वारा चाहे जिसे समर्थन दो कहना बीआरएस के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि हरीश राव पिता का देहांत होने के बाद से घर पर ही रह रहे थे। घर से ही टेली कॉन्फ्रेंस के जरिए जुबली हिल्स जिताने के लिए प्रयास करने के बिल्डअप देते गए। जब बीआरएस हार गई, तो हरीश राव के चमचों द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है यदि हरीश राव मैदान में होते तो परिणाम अलग होते।
कविता ने हरीश राव को घर का भेदी बताते हुए कहा कि घर के भेदी को भगवान भी पहचानने में देरी कर जाते हैं, तो हम क्या हैं। उन्होंने कहा कि बीआरएस में रहकर हरीश राव के धोखे व सच्चाई का पता चलते ही आवाज उठाई, परंतु उन्हें बीआरएस से बाहर कर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर हरीश राव को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हरीश राव के भ्रष्टाचार व बेनामी कंपनियों के सबूतों के साथ जानकारी देने के बावजूद सरकार हरकत में नहीं आ रही है।
पद्मा देवेंद्र रेड्डी और भ्रष्टाचार पर हरीश राव की भूमिका पर सवाल
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बताएँ उनकी हरीश राव के साथ क्या अंडरस्टैंडिंग है? कविता ने कहा कि मेदक के नरसापुर मंडल के 13 गाँवों की भूमियाँ ट्रिपल आर, कालेश्वरम परियोजना आदि के लिए अधिग्रहित की गईं, जिसका मुआवजा तक किसानों को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पूर्व केसीआर शासन के दौरान 10 सालों तक निजामाबाद से बाहर नहीं आईं, कुछ पता नहीं चला। अब मेदक आने पर पता चला कि यहाँ समस्याएँ ही समस्याएँ हैं। हरीश राव के मंत्री रहने के बावजूद हालत खराब हैं।
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कविता ने पूर्व विधायक पद्मा देवेंदर रेड्डी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें भी हरीश राव का सपोर्ट है। नौकरी देने के लिए एक- एक से 2-2 लाख रुपये वसूले गए, ऐसे नेता का हरीश राव क्यों साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में पद्मा देवेंदर रेड्डी को टिकट नहीं दिया गया, तब केसीआर को कोसते हुए वह बाहर चली गईं थीं।
बाद में केसीआर की दीक्षा सफल होने पर मौका देखकर हरीश राव के सपोर्ट से फिर वापस आ गईं। कविता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा केसीआर के स्वास्थ्य को लेकर की गई टिप्पणी पर स्पष्ट किया कि वह स्वस्थ व हट्टे कट्टे हैं। जब भी बाहर निकलेंगे, तो सीन ही अलग होगा।
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